सिंगापुर में आयोजित Shangri-La Dialogue सुरक्षा शिखर सम्मेलन में अमेरिका ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ किया है कि अगर ईरान के साथ शांति समझौता नहीं हो पाता है, तो अमेरिकी सेना दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इसके लिए पूरी दुनिया में हथियारों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सेना हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार बैठी है।

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अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दी खुली चेतावनी

सिंगापुर में चल रहे सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सक्षम और तैयार है। राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही अल्टीमेटम दिया हुआ है कि या तो ईरान परमाणु हथियार न बनाने की डील पर राजी हो जाए या फिर सैन्य कार्रवाई का सामना करे। फिलहाल दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, जिसमें अप्रैल की शुरुआत में हुए युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर भी चर्चा शामिल है।

ईरान और CENTCOM का इस बयान पर क्या है रुख?

अमेरिकी बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 30 मई 2026 को कहा कि अभी अमेरिका के साथ कोई समझौता अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि Strait of Hormuz के मैनेजमेंट का फैसला केवल ईरान और ओमान को ही करना चाहिए। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने साफ किया है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और हर हलचल पर नजर रख रही हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने ईरान को लेकर क्या बयान दिया है?

उन्होंने कहा कि अगर शांति समझौता नहीं होता है, तो अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और उनके पास इसके लिए पर्याप्त सैन्य स्टॉक उपलब्ध है।

Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने क्या कहा है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ किया है कि Strait of Hormuz के प्रबंधन का फैसला केवल ईरान और ओमान के बीच ही तय होना चाहिए।