अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने NATO देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ब्रुसेल्स में हुई एक बैठक के दौरान यूरोपीय देशों पर रक्षा खर्च कम करने और ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना को सैन्य अड्डों का इस्तेमाल न करने देने का आरोप लगाया। इस विवाद के बाद अब अमेरिका यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी की दोबारा जांच करेगा।

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यूरोप में सैन्य मौजूदगी की होगी जांच

रक्षा सचिव Pete Hegseth ने घोषणा की है कि पेंटागन अगले छह महीनों तक यूरोप में अमेरिका की सैन्य स्थिति और अड्डों की जांच करेगा। इसे NATO 3.0 review का नाम दिया गया है। इस समीक्षा का मुख्य मकसद यह देखना है कि यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाएं या नहीं।

हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका अब उन देशों की मदद नहीं करेगा जो अपनी सुरक्षा के लिए सिर्फ अमेरिका पर निर्भर हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फ्री की सवारी का दौर अब खत्म हो चुका है। अमेरिका NATO बजट में कितना योगदान देगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दूसरे देश अपने रक्षा लक्ष्यों को पूरा करते हैं या नहीं।

ईरान पर हमले और अन्य विवाद

अमेरिकी रक्षा सचिव ने यूरोपीय देशों को इस बात के लिए लताड़ा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन्स के लिए अमेरिकी सेना को जरूरी बेस और उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने इस विफलता को शर्मनाक बताया और कहा कि इससे अमेरिकी सैनिकों की जान जोखिम में पड़ी।

  • हेगसेथ ने राष्ट्रपति Donald Trump के विचारों को दोहराते हुए कहा कि NATO बहुत ज्यादा अमेरिका पर निर्भर हो गया है।
  • उन्होंने यूरोपीय देशों की प्रवासन (migration) और लैंगिक समानता (gender equality) की नीतियों की भी आलोचना की।
  • उनका कहना था कि रक्षा बजट के बजाय इन मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देने से देशों की सुरक्षा कमजोर हुई है और कल्याणकारी राज्य बढ़ गए हैं।

इस समीक्षा प्रक्रिया में अमेरिकी यूरोप कमान, अमेरिकी कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से भी फीडबैक लिया जाएगा।