सिंगापुर में चल रहे शांग्री-ला डायलॉग में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार 30 मई 2026 को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि ईरान के साथ चल रहे गंभीर संघर्ष और तनाव के बावजूद अमेरिका ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र से अपना ध्यान नहीं हटाया है। उन्होंने सहयोगियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अमेरिका एक ही समय में दो महत्वपूर्ण मोर्चों को आसानी से संभालने की पूरी क्षमता रखता है।
क्या ईरान के साथ जारी संकट के बीच अमेरिका एशिया-प्रशांत क्षेत्र को भूल गया है?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया कि अमेरिका मध्य पूर्व के संकटों में फंसकर अपने एशियाई सहयोगियों को अकेला छोड़ देगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशांत क्षेत्र में शक्ति का संतुलन बनाए रखना अमेरिका की खुद की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह एक साथ दो अलग-अलग मोर्चों पर काम कर सकता है। क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच उठ रहे इन सवालों का उन्होंने कड़ा जवाब दिया कि क्या ट्रंप प्रशासन वैश्विक तनावों के कारण जरूरत से ज्यादा व्यस्त हो गया है।
चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव और सहयोगी देशों के रक्षा खर्च पर अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और विस्तारवाद पर चिंता जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन चीन के साथ स्थिर, निष्पक्ष और सम्मानजनक संबंध चाहता है। इसके अलावा, उन्होंने अपने सहयोगी देशों को रक्षा खर्च बढ़ाने की सलाह दी। हेगसेथ ने कहा कि अब वह समय खत्म हो चुका है जब अमेरिका अमीर देशों की रक्षा के लिए अपनी तरफ से पैसा देता था। उन्होंने साफ किया कि किसी भी गठबंधन को मजबूत बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की तरफ से बराबर की हिस्सेदारी जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शांग्री-ला डायलॉग 2026 कब से कब तक आयोजित हो रहा है?
शांग्री-ला डायलॉग का 23वां संस्करण सिंगापुर में 29 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा मामलों पर चर्चा हो रही है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सहयोगी देशों को रक्षा बजट पर क्या कहा?
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने सहयोगी देशों को अपना सैन्य बजट बढ़ाने के लिए कहा है और स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब अमीर देशों की रक्षा के लिए अकेले सब्सिडी नहीं देगा।