हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान से मांग की है कि वह दुनिया के सामने यह भरोसा दिलाए कि यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमला नहीं होगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ अंतरिम युद्धविराम अब खत्म हो चुका है, हालांकि स्थाई समाधान के लिए बातचीत जारी रहेगी.
अमेरिका की मांग और ईरान का जवाब
अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा है कि ईरान को सार्वजनिक रूप से यह मानना होगा कि जलडमरूमध्य के सभी रास्ते खुले हैं और वह जहाजों पर हमला नहीं करेगा. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो नतीजा अच्छा नहीं होगा. इसके साथ ही, किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपना अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का भंडार भी सौंपना होगा.
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाएई ने कहा कि जलडमरूमध्य को खोलने या वहां से माइन हटाने का फैसला सिर्फ ईरान का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों को अब फीस देनी चाहिए. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने चेतावनी दी कि यह रास्ता केवल ईरान की व्यवस्था से ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों से नहीं.
मिसाइल हमले और सैन्य तनाव
हाल ही में ईरान ने तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के करीब 100 ठिकानों पर हमले किए. ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत, बहरीन और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया. इस वजह से 8 जुलाई से इस रास्ते से होने वाला व्यापार काफी कम हो गया है, खासकर ओमान वाले रूट पर.
कूटनीतिक कोशिशें और आंतरिक कलह
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची आज 11 जुलाई को ओमान में अपने ओमानी समकक्ष से मुलाकात करेंगे ताकि इस मुद्दे पर चर्चा की जा सके. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि हालांकि बातचीत सही दिशा में है, लेकिन ईरान के अंदर सत्ता का संघर्ष चल रहा है. अयातुल्ला अली खामनेई की मृत्यु के बाद वहां स्थिति जटिल हो गई है, जिससे किसी समझौते पर टिके रहना मुश्किल हो रहा है. वहीं ईरान ने जहाजों पर हुए हमलों को अपने सिस्टम की गलती या कुछ बागी तत्वों का काम बताया है.
