अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने की बातचीत चल रही है, लेकिन अब एक नई और कड़ी शर्त सामने आई है। व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान को शांति चाहिए, तो उसे अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपना होगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान बताई है।

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अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्त रखी है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने पास मौजूद 60% हाईली एनरिच्ड यूरेनियम की पूरी 440 किलो मात्रा अमेरिका या किसी तीसरे देश को दे दे। राष्ट्रपति Donald Trump की मांग है कि ईरान परमाणु यूरेनियम बनाने का अपना हक हमेशा के लिए छोड़ दे। अमेरिका ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर ईरान गारंटी देता है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, तो पाबंदी के समय को 20 साल से घटाकर 10 साल किया जा सकता है।

ईरान ने इस मांग पर क्या जवाब दिया?

ईरान ने अमेरिका की इस शर्त को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei और डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Saeed Khatibzadeh ने कहा कि यूरेनियम किसी भी हाल में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। ईरान का कहना है कि यूरेनियम बनाना उसका संप्रभु अधिकार है। इसके बदले ईरान ने ’10+10′ प्लान का प्रस्ताव दिया है, जिसमें पहले 10 साल एनरिचमेंट रोकना और फिर अगले 10 साल इसे कम स्तर पर जारी रखना शामिल है।

अभी बातचीत और युद्धविराम की क्या स्थिति है?

राष्ट्रपति Trump ने 21 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए युद्धविराम बढ़ा दिया है ताकि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत का दूसरा दौर हो सके। हालांकि, परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत रुकी हुई है। ईरान के पास कुल 2,000 किलो यूरेनियम का स्टॉक है, जिसमें से 440 किलो बहुत शक्तिशाली यूरेनियम है, जो करीब 11 परमाणु हथियार बनाने के लिए काफी है। इसी वजह से अमेरिका इसे अपने कब्जे में लेना चाहता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.