अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। Representative Joaquin Castro के नेतृत्व में 30 से ज़्यादा डेमोक्रेटिक सांसदों ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से इसराइल के परमाणु कार्यक्रम की पूरी जानकारी मांगी है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा बना हुआ है।

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप सरकार से क्या मांगा?

सांसदों ने मंगलवार, 5 मई 2026 को विदेश मंत्री Marco Rubio को एक पत्र भेजा। इसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका को इसराइल की परमाणु क्षमता के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य रूप से इन बातों का विवरण मांगा है:

  • इसराइल के पास कुल कितने परमाणु हथियार मौजूद हैं।
  • परमाणु सामग्री कहां तैयार की जा रही है और उसकी क्षमता क्या है।
  • उन ‘रेड लाइन्स’ के बारे में जानकारी, जिन्हें पार करने पर इसराइल परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

इस मांग के पीछे क्या वजह है?

सांसदों का तर्क है कि मिडिल ईस्ट में परमाणु हथियारों के संतुलन को समझना जरूरी है, खासकर तब जब ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति है। उनका कहना है कि अमेरिका रूस, चीन, पाकिस्तान और उत्तर कोरिया जैसे देशों की परमाणु क्षमताओं को तो खुलेआम मानता है, लेकिन इसराइल के मामले में दशकों से चुप्पी साधे हुए है। सांसदों ने इस पूरे मामले पर विदेश मंत्री से 18 मई तक जवाब मांगा है।

इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया आई है?

Council on American-Islamic Relations (CAIR) ने इस मांग का समर्थन किया है और कहा है कि अमेरिकी विदेश नीति में पारदर्शिता होनी चाहिए। वहीं, ट्रंप प्रशासन के अंदर भी कुछ लोग इस बात से चिंतित हैं कि इसराइल परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की अपनी सीमाएं पहले की तुलना में कम कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सांसदों ने पत्र किसे लिखा और कब लिखा?

यह पत्र 5 मई 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Marco Rubio को भेजा गया।

सांसदों ने किस तारीख तक जवाब मांगा है?

प्रतिनिधि Joaquin Castro और अन्य सांसदों ने विदेश मंत्री Marco Rubio से 18 मई तक इस मांग पर जवाब देने को कहा है।