अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय मूल के व्यक्ति की नागरिकता छीनने की तैयारी चल रही है. Debashis Ghosh नाम के इस व्यक्ति पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. US Department of Justice ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की है क्योंकि उसने नागरिकता लेते समय अपनी आपराधिक हिस्ट्री छिपाई थी.

Debashis Ghosh ने कैसे किया करोड़ों का घोटाला?

Debashis Ghosh ने एक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस फैसिलिटी बनाने के नाम पर निवेशकों से लगभग 2.5 मिलियन डॉलर ठगे थे. इस काम के लिए उसने Verdant Capital Group नाम की कंपनी का इस्तेमाल किया. इस घोटाले में रिटायर्ड मिलिट्री ऑफिसर्स, एयरलाइन एग्जीक्यूटिव्स और फाइनेंस प्रोफेशनल्स जैसे लोग शिकार हुए. इस धोखाधड़ी के मामले में उसे 2017 में दोषी पाया गया था और 2018 में 57 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी.

नागरिकता क्यों छीनी जा रही है?

अमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर किसी ने नागरिकता लेते समय झूठ बोला हो या गंभीर अपराध छिपाए हों, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है. Ghosh ने 2012 में नागरिकता ली थी, लेकिन उसने यह बात छिपाई कि उसने अपराध किए थे. US Department of Justice का कहना है कि ऐसे लोग जो धोखाधड़ी या गंभीर अपराधों में शामिल रहे हों, उन्हें अमेरिकी नागरिकता का हक नहीं मिलना चाहिए. इस मामले में Ghosh के अलावा 11 अन्य लोगों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की गई है.

विवरण जानकारी
व्यक्ति का नाम Debashis Ghosh
नागरिकता मिलने का वर्ष 2012
घोटाले की राशि 2.5 मिलियन डॉलर
जेल की सजा 57 महीने
दोषसिद्धि का वर्ष 2017
कार्रवाई शुरू होने की तारीख मई 2026

Frequently Asked Questions (FAQs)

Denaturalization का क्या मतलब होता है?

इसका मतलब है किसी व्यक्ति की प्राकृतिक नागरिकता (Naturalized Citizenship) को कानूनी रूप से रद्द कर देना. यह तब होता है जब नागरिकता धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर ली गई हो.

Debashis Ghosh को किस आरोप में सजा हुई थी?

उसे वायर फ्रॉड साजिश के आरोप में दोषी पाया गया था, जिसमें उसने निवेशकों के 2.5 मिलियन डॉलर का गबन किया था.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com