ईरान के साथ जंग के बीच अमेरिका का बड़ा बयान, मिसाइल खत्म होने की खबरों को बताया गलत.

Nura Basta5 August 20262 min read56 viewsWorld
ईरान के साथ जंग के बीच अमेरिका का बड़ा बयान, मिसाइल खत्म होने की खबरों को बताया गलत.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे पांच महीने पुराने विवाद के चलते दुनिया भर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि ईरान के साथ इस संघर्ष में अमेरिका के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइलों का जखीरा लगभग खत्म हो गया है। इन रिपोर्ट्स में ATACMS और PrSM जैसी महत्वपूर्ण मिसाइलों के भंडार के खाली होने की बात कही गई थी, जिससे ग्लोबल डिफेंस एक्सपर्ट्स में चिंता बढ़ गई थी।

पेंटागन और व्हाइट हाउस ने क्या कहा

अमेरिकी सरकार ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने साफ तौर पर कहा कि सेना के पास किसी भी रणनीतिक लक्ष्य को पूरा करने के लिए हथियारों और बारूद का स्टॉक जरूरत से कहीं ज्यादा मौजूद है। वहीं, पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता Sean Parnell ने भी जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली ताकत है और उसके पास क्षमताओं का एक विशाल भंडार है। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इन खबरों को गलत बताते हुए कहा कि अमेरिका के पास दुनिया में किसी भी अन्य देश की तुलना में कहीं अधिक हथियार मौजूद हैं और रक्षा कंपनियां तेजी से उत्पादन कर रही हैं ताकि भविष्य में कोई कमी न हो।

सेना की तैयारियों पर असर

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि CENTCOM ने युद्ध से पहले मौजूद अपने क्षेत्रीय स्टॉक को खर्च कर लिया है, जिसके बाद दुनिया के अन्य हिस्सों से हथियारों को यहां भेजा गया। हालांकि, रक्षा जानकारों का कहना है कि इस तरह से हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह भेजने से रूस और चीन जैसे देशों के साथ संभावित भविष्य के संघर्षों को लेकर चिंता पैदा हो सकती है। फिलहाल सेना ATACMS के उत्पादन को बंद करके आधुनिक PrSM मिसाइलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

इस स्थिति का सीधा असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो मिडिल ईस्ट में रह रहे हैं, क्योंकि हथियारों की कमी की खबरों से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहता है। फिलहाल, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनकी सैन्य तैयारी में कोई कमी नहीं आई है और वे किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम हैं। रक्षा कंपनी Lockheed Martin ने फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, जिससे यह साफ होता है कि आपूर्ति की स्थिति अभी भी एक संवेदनशील विषय बनी हुई है।

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