Middle East में अमेरिका ने उतारे 3 एयरक्राफ्ट कैरियर और 15 हजार सैनिक, ईरान पर दबाव बनाने की तैयारी
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत काफी बढ़ा दी है। अमेरिकी कमांड (CENTCOM) ने 24 अप्रैल 2026 को बताया कि उन्होंने इलाके में तीन बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर और 15 हजार से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है। यह 2003 के बाद पहली बार हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में एक साथ मौजूद है।
कौन-कौन से जहाज और कितने सैनिक तैनात किए गए?
अमेरिकी नौसेना ने USS Abraham Lincoln, USS Gerald R. Ford और USS George H.W. Bush नाम के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं। इनके साथ 200 से ज्यादा विमान और 15 हजार से ज्यादा नाविक और मरीन सैनिक भी शामिल हैं। इन जहाजों के साथ 12 अन्य युद्धपोत भी तैनात हैं, जिनमें F-35C Lightning II और F/A-18 Super Hornet जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स मौजूद हैं।
अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया और क्या है इसका मकसद?
यह पूरी तैनाती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए की गई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान किसी ऐसे समझौते के लिए राजी हो जिससे संघर्ष खत्म हो सके। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी की है, जिसकी वजह से अब तक 33 व्यापारिक जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। हालांकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ है, लेकिन अमेरिका आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए हुए है।
जहाजों की लोकेशन और अन्य बड़े अपडेट
- USS George H.W. Bush: यह जहाज हिंद महासागर में तैनात है।
- USS Abraham Lincoln: यह अरब सागर में मौजूद है।
- USS Gerald R. Ford: यह रेड सी (लाल सागर) में तैनात किया गया है।
- मध्यस्थता: पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है।
- तेल सप्लाई: युद्ध के बाद तेल और गैस की ढुलाई को आसान बनाने के लिए अमेरिका ने ‘जॉन्स एक्ट’ की छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है।