अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन की लिस्ट में डाल दिया है। इस बड़े फैसले का सऊदी अरब ने खुलकर स्वागत किया है। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बात कर अपना समर्थन जताया। सऊदी का मानना है कि इस कदम से पूरे इलाके में शांति और सुरक्षा मजबूत होगी।

अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड पर क्या एक्शन लिया है?

अमेरिकी विदेश विभाग ने 9 मार्च 2026 को सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को ‘स्पेशली डेज़िग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित करने का ऐलान किया था। यह फैसला 16 मार्च 2026 से लागू हो गया। इससे पहले सितंबर 2025 में अमेरिका ने इस संगठन की सैन्य शाखा ‘अल-बरात बिन मलिक ब्रिगेड’ को भी आतंकी समूह घोषित किया था। इसके अलावा जनवरी 2026 में मिस्र, जॉर्डन और लेबनान की मुस्लिम ब्रदरहुड शाखाओं पर भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी।

इस फैसले के पीछे की वजह क्या है और ईरान का क्या रोल है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आरोप लगाया कि सूडान का मुस्लिम ब्रदरहुड आम लोगों के खिलाफ हिंसा कर रहा है ताकि सूडान के विवाद को सुलझाने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके। अमेरिका का दावा है कि इस संगठन के लड़ाकों को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग और मदद मिल रही है। अमेरिका का लक्ष्य इन संगठनों और ईरानी शासन के पास मौजूद उन संसाधनों को रोकना है जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।

सऊदी अरब और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर प्रिंस फैसल बिन फरहान के समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब वाशिंगटन के उन सभी कदमों का साथ देता है जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बढ़ती है। सऊदी अरब के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को कब आतंकी संगठन घोषित किया?

अमेरिकी विदेश विभाग ने 9 मार्च 2026 को इसकी घोषणा की थी और यह फैसला 16 मार्च 2026 से प्रभावी हुआ।

सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड की सैन्य शाखा का क्या नाम है?

इसकी सैन्य शाखा का नाम ‘अल-बरात बिन मलिक ब्रिगेड’ है, जिसे अमेरिका ने सितंबर 2025 में ही आतंकी संगठन घोषित कर दिया था।