पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। पेंटागन के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ईरान द्वारा समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए उनके 44 जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह संघर्ष अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई का मुख्य कारण क्या है?

पेंटागन के मुताबिक ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाकर इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को बंद करने की योजना बना रहा था। जनरल डैन केन ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के कुल 120 से अधिक जहाजों और 44 विशेष माइन-लेयर वेसल्स को निशाना बनाया है। US CENTCOM लगातार ईरान के गोला-बारूद डिपो और समुद्री संपत्तियों को ट्रैक करके उन्हें नष्ट कर रहा है। अमेरिका का स्पष्ट लक्ष्य वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए इस जलमार्ग को खुला रखना है क्योंकि इसके बंद होने से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

इस ऑपरेशन में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया?

हथियार और बल महत्वपूर्ण भूमिका
A-10 Warthogs ईरानी जहाजों पर सटीक हवाई हमले करना
AH-64 Apaches हॉर्मुज क्षेत्र में गश्त और जहाजों को नष्ट करना
US CENTCOM पूरे ऑपरेशन की रणनीति और निगरानी
US Marines तटीय इलाकों में जमीनी छापेमारी की संभावना

अमेरिकी रक्षा सचिव पेटे हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले अब अपनी उच्चतम तीव्रता पर पहुंचेंगे। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी मरीन ईरानी मिसाइल और ड्रोन डिपो को निशाना बनाने के लिए जमीनी कार्रवाई भी कर सकते हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से अमेरिका के रक्षा उद्योग के लिए जरूरी खनिजों जैसे सल्फर की आपूर्ति में बड़ी बाधा आ सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह का नियंत्रण बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com