US Dollar Swap Line: अमेरिका और UAE के बीच डॉलर डील की चर्चा, कई खाड़ी देशों ने मांगी मदद

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि कई खाड़ी और एशियाई देशों ने अमेरिका से डॉलर स्वैप लाइन की मांग की है। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इस कदम का मुख्य मकसद डॉलर मार्केट में स्थिरता बनाए रखना है ताकि वित्तीय संकट से बचा जा सके।

डॉलर स्वैप लाइन क्या है और इसकी ज़रूरत क्यों पड़ी?

डॉलर स्वैप लाइन एक तरह का वित्तीय समझौता होता है जिसमें दो देशों के केंद्रीय बैंक एक-दूसरे की करेंसी बदलते हैं। Scott Bessent ने बताया कि इससे डॉलर फंडिंग मार्केट में व्यवस्था बनी रहती है और देशों को अपनी अमेरिकी संपत्ति को जल्दबाजी में बेचने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह व्यवस्था उन देशों के लिए मददगार होती है जिन्हें अचानक डॉलर की कमी का सामना करना पड़ता है।

UAE का रुख और अमेरिका के साथ बातचीत

राष्ट्रपति Donald Trump ने कन्फर्म किया कि UAE के साथ करेंसी स्वैप पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, UAE के राजदूत Yousef Al Otaiba ने कहा कि UAE की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है और उन्हें बाहरी वित्तीय मदद की ज़रूरत नहीं है। उनके मुताबिक UAE के पास भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार और निवेश संपत्ति मौजूद है, इसलिए बाहरी मदद की बात करना तथ्यों को गलत समझना है।

वित्तीय आंकड़ों पर एक नज़र

इस पूरी बातचीत और हालिया घटनाक्रमों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े नीचे टेबल में दिए गए हैं:

विवरण आंकड़ा/जानकारी
UAE की कुल निवेश संपत्ति 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक
UAE का विदेशी मुद्रा भंडार 300 बिलियन डॉलर से अधिक
अर्जेंटीना को मिला स्वैप (अक्टूबर 2025) 20 बिलियन डॉलर
रूसी तेल प्रतिबंधों में राहत 30 दिन के लिए विस्तार
Bessent की गवाही की तारीख 22 अप्रैल 2026
Trump द्वारा पुष्टि की तारीख 21 अप्रैल 2026

अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

इस चर्चा के दौरान Scott Bessent ने क्रिप्टो मार्केट के लिए नए कानून बनाने की वकालत की ताकि अमेरिकी डॉलर का वैश्विक दर्जा बना रहे। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि ट्रेजरी विभाग उन देशों के साथ भी स्वैप लाइन बना सकता है जिनका फेडरल रिजर्व के साथ पहले से कोई समझौता नहीं है।