Strait of Hormuz में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के कई ड्रोन मार गिराए हैं जो वहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई के बाद साफ कर दिया है कि वे इस इलाके की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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ड्रोन हमले और अमेरिकी सेना की कार्रवाई

13 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ को हवा में ही नष्ट कर दिया। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, इन ड्रोन का मकसद अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमला करना था। इससे पहले 12 जून को भी अमेरिकी सेना ने दो ईरानी ड्रोन पकड़े थे। CENTCOM ने भरोसा दिलाया है कि Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना चालू रहेगा और अमेरिकी सेना किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब देने के लिए तैनात है।

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और शांति की कोशिशें

इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी हरकतों में सुधार करना होगा और वह भी बहुत जल्द। हालांकि, सैन्य तनाव के बीच दोनों देशों के बीच शांति के लिए बातचीत भी चल रही है। अमेरिका प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि वाशिंगटन और तेहरान एक शुरुआती समझौते के टेक्स्ट पर सहमत हुए हैं और ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

ईरान का अपना पक्ष

इन घटनाओं पर ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस रणनीतिक जलमार्ग का मैनेजमेंट अब ईरान और Oman के अधिकार क्षेत्र में ही रहेगा।