US ने रूसी तेल पर पाबंदी में दी ढील, जेलेंस्की ने जताया विरोध, ईरान युद्ध की वजह से बढ़ी तेल की कीमतें
अमेरिका ने रूसी तेल पर लगी पाबंदियों में कुछ समय के लिए ढील दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि बाजार में ऊर्जा की कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके क्योंकि ईरान के साथ चल रहे युद्ध से तेल महंगा हो गया है। इस कदम के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की है और इसे गलत बताया है।
अमेरिकी सरकार ने तेल को लेकर क्या फैसला लिया है?
Trump प्रशासन ने 18 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया जिसके तहत रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति दी गई है। यह छूट केवल उन जहाजों के लिए है जिनमें तेल 17 अप्रैल 2026 तक लोड हो चुका था। यह नियम 16 मई 2026 तक लागू रहेगा। इससे पहले ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा था कि ऐसी कोई छूट नहीं दी जाएगी लेकिन बाद में फैसला बदल दिया गया।
ईरान युद्ध का तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?
अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ युद्ध फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। इस लड़ाई की वजह से Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर असर पड़ा है जहाँ से तेल का व्यापार होता है। इस वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतें अचानक बढ़ गईं। अमेरिका ने ऊर्जा की कीमतों को कम करने के लिए ही रूस पर लगी पाबंदियों में यह अस्थायी ढील दी है।
जेलेंस्की और अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने इस फैसले का विरोध किया और कहा कि रूसी तेल के लिए दिया गया हर एक डॉलर सीधे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल होगा। उनके साथ ही अमेरिका के कुछ डेमोक्रेटिक सीनेटर जैसे Chuck Schumer और Elizabeth Warren ने भी इस कदम को शर्मनाक बताया। उनका कहना है कि इससे रूस को फायदा होगा।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| छूट जारी करने की तारीख | 18 अप्रैल 2026 |
| छूट की अंतिम तारीख | 16 मई 2026 |
| युद्ध की शुरुआत | फरवरी 2026 (US-Israel बनाम ईरान) |
| प्रभावित क्षेत्र | Strait of Hormuz |
| विरोध करने वाले नेता | Volodymyr Zelensky, Chuck Schumer, Elizabeth Warren |
| मुख्य कारण | ऊर्जा कीमतों में भारी बढ़ोतरी |
| निर्णय लेने वाला विभाग | US Treasury Department |