अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपना ‘Economic Fury’ अभियान तेज कर दिया है। US Treasury Department ने उन लोगों और कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान को हथियार, ड्रोन के पुर्जे और मिसाइल का सामान पहुँचा रहे थे। इस बड़ी कार्रवाई से न सिर्फ ईरान बल्कि चीन और UAE जैसी जगहों पर काम करने वाली कंपनियों को भी झटका लगा है।

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अमेरिका के ‘Economic Fury’ अभियान में क्या हुआ?

US Treasury Department ने शुक्रवार (9 मई 2026) को नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया। यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 2025 में जारी किए गए National Security Presidential Memorandum 2 (NSPM-2) के तहत की गई है। इस नियम के जरिए ईरान पर ‘maximum pressure’ यानी अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति को फिर से लागू किया गया है।

  • 8 मई 2026 को US Treasury के OFAC विभाग ने 10 लोगों और कंपनियों को टारगेट किया।
  • US Department of State ने 4 और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए।
  • इन प्रतिबंधों का मुख्य मकसद ईरान के सैन्य खरीद नेटवर्क को तोड़ना है ताकि वे हथियार और ड्रोन इंजन न पा सकें।
  • अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने के लिए ईरान सरकार या IRGC को दिया जाने वाला ‘टोल’ पैसा गैरकानूनी है।

किन देशों और कंपनियों पर गिली गाज?

इस अभियान में सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में सक्रिय उन कंपनियों को पकड़ा गया है जो ईरान की मदद कर रही थीं। इनमें चीन, हांगकांग, UAE, बेलारूस और तुर्की की कंपनियां शामिल हैं।

देश टारगेट की गई कंपनी/संस्था काम/भूमिका
China Yushita Shanghai International Trade हथियारों की खरीद में मदद
China Hitex Insulation Ningbo Co Ltd मिसाइल का सामान सप्लाई करना
China Chang Guang Satellite Technology सैन्य इस्तेमाल के लिए सैटेलाइट इमेज देना
Hong Kong HK Hesin Industry Co Ltd खरीद के लिए बिचौलिया बनना
UAE (Dubai) Elite Energy FZCO खरीद के लिए फंड ट्रांसफर करना
Belarus Armory Alliance LLC खरीद सौदों में बिचौलिया बनना
Iran Pishgam Electronic Safeh Co (PESC) ड्रोन इंजन की खरीद

युद्ध की स्थिति और अधिकारियों का बयान

इस तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने 9 मई 2026 को दो ईरान-ध्वज वाले तेल टैंकरों पर फायरिंग की। सेना का कहना था कि ये टैंकर अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर ईरानी पोर्ट पर रुकने की कोशिश कर रहे थे।

US Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि IRGC के नेता डूबते जहाज में फंसे चूहों की तरह हैं और अमेरिका का यह अभियान जारी रहेगा। वहीं, Secretary of State Marco Rubio ने बताया कि अमेरिका को ईरान से शांति प्रस्ताव के जवाब का इंतजार है। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि फिलहाल युद्धविराम (ceasefire) लागू है लेकिन अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो और कड़ी कार्रवाई होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर ‘Economic Fury’ अभियान क्यों चलाया?

यह अभियान ईरान के सैन्य खरीद नेटवर्क को रोकने के लिए चलाया गया है। इसका मकसद ईरान को ड्रोन के पुर्जे, मिसाइल सामग्री और हथियार जुटाने से रोकना है ताकि वह अमेरिकी सेना और अन्य देशों को खतरा न पहुँचा सके।

इन प्रतिबंधों का UAE और अन्य देशों पर क्या असर होगा?

UAE की Elite Energy FZCO जैसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगे हैं जो फंड ट्रांसफर का काम करती थीं। चीन और बेलारूस की कई कंपनियां भी निशाने पर हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग रूट, खासकर Strait of Hormuz में तनाव बढ़ सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com