अमेरिका की आर्थिक सख्ती पर ईरान का बड़ा बयान, कहा यह हमारी सैन्य ताकत के आगे उनकी हार है

Sushma Kumari23 August 20262 min read76 viewsWorld
अमेरिका की आर्थिक सख्ती पर ईरान का बड़ा बयान, कहा यह हमारी सैन्य ताकत के आगे उनकी हार है

रविवार, 23 अगस्त 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Hossein Mohebbi (जिन्हें सरदार मोहेबी भी कहा जाता है) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका की तरफ से ईरान पर जो आर्थिक दबाव बढ़ाया जा रहा है, वह असल में उनकी सैन्य हार को स्वीकार करने जैसा है। मोहेबी का कहना था कि अगर अमेरिका युद्ध के मैदान में जीत हासिल कर लेता, तो उसे इस तरह की आर्थिक जंग का सहारा नहीं लेना पड़ता। उन्होंने अमरीकी प्रतिबंधों के 47 साल के इतिहास को पूरी तरह से विफल बताया है।

अमेरिका का अधिकतम दबाव अभियान और ईरान की प्रतिक्रिया

यह बयान अमेरिकी ट्रेजरी സെക്രട്ടറി Scott Bessent के उस ऐलान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने 20 अगस्त 2026 को कहा था कि अमेरिका अपने अधिकतम दबाव अभियान को और तेज करेगा। उन्होंने यह भी बताया था कि 24 अगस्त 2026 को इतिहास के सबसे कड़े वित्तीय प्रतिबंधों का ऐलान किया जाएगा, जिसका मकसद ईरानी शासन को गिराना है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले ही ईरान को आर्थिक डी-डे और अभूतपूर्व स्तर पर अलग-थलग करने की धमकी दे चुके हैं। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस संघर्ष को आर्थिक दबाव के एक नए चरण में प्रवेश करने वाला बताया था।

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इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 20 अगस्त 2026 को इन सभी कदमों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया। इसके अलावा, संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने 21 अगस्त को दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने यह समझ लिया है कि सीधी सैन्य टक्कर संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने अब आर्थिक और संज्ञानात्मक युद्ध का रास्ता चुना है।

सैनिक चेतावनी और कूटनीतिक हल की उम्मीद

ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल Ali Abdollahi ने 21 अगस्त को साफ चेतावनी दी कि अमेरिका की तरफ से अगर कोई भी नया खतरा पैदा किया गया, तो उसका बहुत ही कड़ा, निर्णायक और विनाशकारी जवाब दिया जाएगा। दूसरी तरफ, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने 21 अगस्त को कहा कि अमेरिकी दबाव से इस विवाद का कोई हल नहीं निकलेगा और इसके लिए कूटनीतिक रास्तों को अपनाना चाहिए।

ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी व्यापार और वित्तीय प्रतिबंधों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इन सब के बीच, मोहेबी ने दावा किया कि IRGC ने हर तरह के विरोधी कदमों से निपटने के लिए अपनी पूरी योजना तैयार कर ली है। उनका यह भी कहना था कि ईरान दूसरे देशों के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को मजबूत करके अमेरिकी दबाव को पूरी तरह से नाकाम कर रहा है। गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी इस तनाव को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि इस तरह के क्षेत्रीय तनाव का असर आम कारोबार और यात्राओं पर भी पड़ सकता है।

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