अमेरिका लेबनान और इसराइल के बीच शांति लाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Piggott ने कहा कि वे दोनों देशों के बीच अच्छी बातचीत का माहौल बनाना चाहते हैं। हालांकि, अमेरिका का मानना है कि हिजबुल्लाह इस कोशिश को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है।

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अमेरिका ने क्या कहा और हिजबुल्लाह पर क्या आरोप लगाए?

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Piggott ने Al Jazeera को बताया कि अमेरिका लेबनान और इसराइल के बीच ईमानदारी वाली बातचीत शुरू करवाना चाहता है। उन्होंने सीधे तौर पर हिजबुल्लाह पर आरोप लगाया कि वह हमलों और धमकियों के ज़रिए शांति की कोशिशों को बिगाड़ रहा है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी कहा कि इसराइल और लेबनान के बीच शांति समझौता जल्द हो सकता है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी रुकावट हिजबुल्लाह है। Rubio ने साफ़ किया कि समस्या इसराइल या लेबनान नहीं बल्कि हिजबुल्लाह है।

लेबनान में इसराइली हमला और मौजूदा स्थिति

6 मई 2026 को इसराइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हिजबुल्लाह के एक बड़े कमांडर को निशाना बनाकर हवाई हमला किया। इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने पुष्टि की कि यह हमला हिजबुल्लाह की रदवान फोर्स के कमांडर पर था। इस हमले के बाद अमेरिका द्वारा करवाई जा रही युद्धविराम की कोशिशों पर खतरा मंडराने लगा है।

शांति के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?

अमेरिकी अधिकारी अब वॉशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच राजदूत स्तर की तीसरी दौर की बातचीत तय करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा है कि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ किसी भी उच्च स्तरीय बैठक से पहले एक सुरक्षा समझौता होना ज़रूरी है। राष्ट्रपति Donald Trump भी इस मामले में युद्धविराम और शांति वार्ता के लिए दबाव बना रहे हैं। अमेरिका ने इसराइल से भी संयम बरतने की अपील की है ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका लेबनान और इसराइल के बीच क्या चाहता है?

अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के बीच ईमानदारी से बातचीत (good faith conversations) शुरू हो ताकि शांति समझौता हो सके।

हिजबुल्लाह पर अमेरिका ने क्या आरोप लगाया है?

अमेरिका का आरोप है कि हिजबुल्लाह इसराइल के अंदर हमलों और लेबनान में धमकियों के ज़रिए शांति की कोशिशों को बिगाड़ने का काम कर रहा है।