इराक में स्थित अमेरिकी यूनिवर्सिटीज पर हमले का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। बगदाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि ईरान और उससे जुड़े सशस्त्र गुट बगदाद, सुलेमानिया और दोहुक की यूनिवर्सिटीज को निशाना बना सकते हैं। यह अलर्ट ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों को दी गई सीधी धमकी के बाद आया है। वहां पढ़ रहे छात्रों और कर्मचारियों के बीच इस खबर से चिंता बढ़ गई है।

ईरान ने क्यों दी है हमले की धमकी और क्या है विवाद?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर अमेरिकी यूनिवर्सिटी कैंपस को निशाना बनाने की बात कही है। इस विवाद के पीछे मुख्य कारण और ईरान की शर्तें इस प्रकार हैं:

  • ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के शिक्षण संस्थानों पर बमबारी की है।
  • IRGC ने अल्टीमेटम दिया है कि अमेरिका सोमवार 30 मार्च दोपहर तक इन हमलों की कड़ी निंदा करे।
  • ईरान ने यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए नुकसान का बदला लेने की बात कही है।
  • ईरानी सेना ने लोगों को अमेरिकी कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
  • पाकिस्तान इस तनाव को कम करने के लिए फिलहाल मध्यस्थता करने की कोशिशों में लगा है।

सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम और ताजा स्थिति

धमकी मिलने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत (AUB) ने एहतियात के तौर पर अपनी सभी क्लासेज को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया है ताकि छात्रों को कैंपस न आना पड़े। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इराक में रह रहे अपने नागरिकों के लिए पहले ही ‘लेवल 4: यात्रा न करें’ की चेतावनी जारी कर रखी है। अमेरिकी दूतावास ने इराक सरकार की भी आलोचना की है कि वह अपनी जमीन से होने वाले ऐसे हमलों को रोकने में नाकाम रही है। मिडिल ईस्ट में रह रहे प्रवासियों और भारतीय मूल के लोगों को भी सलाह दी गई है कि वे संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें और स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहें।