Yemen Crisis: हूती विद्रोहियों के हमलों को अमेरिका ने बताया आतंकवाद, 30 सरकारी सैनिकों की गई जान

यमन में हालात एक बार फिर बिगड़ते हुए नजर आ रहे हैं। 6 अगस्त 2026 को यमन में अमेरिकी दूतावास ने हूती विद्रोहियों की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हूती लड़ाकों द्वारा सरकारी बलों पर किए गए हमले सीधे तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। यमन में अमेरिकी दूतावास में Neil Hope ने बतौर चार्ज डी अफेयर्स कार्यभार संभाल लिया है और उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह सख्त रुख अपनाया है।
हूती हमलों में सरकारी सैनिकों का भारी नुकसान
यमन सरकार के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने देश के Marib और Hadhramaut प्रांतों में स्थित सैन्य शिविरों को निशाना बनाया। इस हमले में यमन के कम से कम 30 सरकारी सैनिक शहीद हो गए और करीब 50 जवान घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और दावा किया कि उनके द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में सरकारी बलों को 45 जवानों का नुकसान हुआ है। विद्रोहियों का कहना है कि यह हमला यमन सरकार की सैन्य गतिविधियों का जवाब था। अप्रैल 2022 में हुए युद्धविराम के बाद से यह यमन में हिंसा का अब तक का सबसे बड़ा दौर माना जा रहा है।
लाल सागर में मंडराया खतरा
केवल जमीन ही नहीं, बल्कि समुद्र में भी हूती विद्रोहियों की सक्रियता बढ़ गई है। हूती गुट ने सऊदी अरब के Yanbu बंदरगाह के पास तेल टैंकरों पर मिसाइल हमले का दावा किया है। हालांकि, रियाद की ओर से इन दावों की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। इसके अलावा, UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी अदन से करीब 95 नॉटिकल मील दूर एक तेल टैंकर के पास विस्फोट की सूचना दर्ज की है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह हमला हूती मिसाइल की वजह से हुआ, हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।
मानवीय सहायता पहुंचाने वाले जहाज पर हमला
हिंसा के बीच मानवीय संकट भी गहरा गया है। Yemeni Network for Rights and Freedoms ने एक और गंभीर घटना की जानकारी दी है, जिसमें बताया गया कि हूती विद्रोहियों ने राहत सामग्री ले जा रहे एक नागरिक मालवाहक जहाज को लाल सागर में डुबो दिया है। मानवाधिकार समूहों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन और एक आतंकवादी अपराध करार दिया है। लगातार हो रही इस गोलाबारी और मिसाइल हमलों के कारण क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों के लिए खतरा बढ़ गया है, जिससे वहां के हालात काफी चिंताजनक बने हुए हैं।