मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण US Embassy ने 1 अगस्त 2026 को जॉर्डन में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति काफी जटिल है और किसी भी समय हालात बिगड़ सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और यात्रा के दौरान आने वाली किसी भी संभावित बाधा जैसे फ्लाइट कैंसिल होने या एयरस्पेस बंद होने के लिए तैयार रहें।
नागरिकों के लिए क्या हैं निर्देश
दूतावास ने जॉर्डन में रह रहे लोगों से सैन्य ठिकानों के पास जाने से बचने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि ईरान और उसके समर्थक समूह मिडल ईस्ट में अमेरिकी हितों को अपना निशाना बना सकते हैं। स्थिति काफी फ्लूइड यानी लगातार बदलने वाली है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी की गई चेतावनियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तनाव के पीछे की असली वजह
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका 1-2 अगस्त 2026 के वीकेंड पर ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर नए हमले की योजना बना रहा है। वहीं, 1 अगस्त को कुवैत ने दावा किया कि उन्होंने ईरानी ड्रोन को सरकारी सुविधाओं की तरफ आते हुए इंटरसेप्ट किया है। इसी दौरान, ओमान के पास हॉर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक एक टैंकर पर भी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। ईरान के Supreme National Security Council के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी जारी रखी, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ेगा।
