अमेरिका अब ईरान के तेल पर दी गई अस्थायी राहत को खत्म करने जा रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साफ किया है कि 19 अप्रैल 2026 के बाद ईरानी तेल पर फिर से कड़े प्रतिबंध लागू होंगे. इसका मकसद तेहरान पर दबाव बनाना है ताकि वह अपनी गतिविधियों को रोके और वैश्विक बाजार में तनाव कम हो.
प्रतिबंधों के नियम और महत्वपूर्ण तारीखें
अमेरिकी सरकार ने तेल निर्यात को लेकर कुछ कड़े फैसले लिए हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:
| विवरण | तारीख/आंकड़ा |
|---|---|
| ईरानी तेल राहत की समाप्ति | 19 अप्रैल 2026 |
| राहत शुरू होने की तारीख | 20 मार्च 2026 |
| रूसी तेल राहत की समाप्ति | 11 अप्रैल 2026 |
| बाजार में पहुंचा तेल | 14 करोड़ बैरल |
| ईरान की तेल भंडारण क्षमता | 13 दिन |
| नाकाबंदी शुरू होने की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
चीन, UAE और ओमान को चेतावनी
ट्रंप प्रशासन चीन, हांगकांग, UAE और ओमान के अधिकारियों को विशेष पत्र भेज रहा है. इन पत्रों में उन बैंकों की पहचान की गई है जिन्होंने ईरान की गैरकानूनी गतिविधियों में मदद की है. अमेरिका अब इन वित्तीय संस्थानों पर ‘सेकेंडरी सेंक्शन्स’ लगाने की तैयारी कर रहा है.
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इसे ‘आर्थिक क्रोध’ (Economic Fury) का नाम दिया है. यह कदम ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ का ही एक हिस्सा माना जा रहा है.
ईरान की बढ़ी मुश्किल और नाकाबंदी का असर
पाकिस्तान में हुई हालिया बातचीत विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का आदेश दिया. US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 13 अप्रैल से यह नाकाबंदी लागू है और अभी तक किसी जहाज ने इसे तोड़ने की कोशिश नहीं की है.
ईरान इस समय बड़ी मुश्किल में है क्योंकि उसके पास तेल रखने की क्षमता सिर्फ 13 दिनों की है. अगर शिपमेंट इसी तरह रुका रहा, तो ईरान को अपने तेल कुओं को बंद करना पड़ सकता है, जिससे उसके बुनियादी ढांचे को लंबे समय के लिए भारी नुकसान हो सकता है.
