अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने 8 मार्च 2026 को एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अरब की खाड़ी में कई दिनों से फँसे तेल के जहाज़ अब जल्द ही अपनी मंज़िल की तरफ आगे बढ़ेंगे। यह फैसला अमेरिका के नए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की सफलता के बाद आया है। इसके तहत समुद्री रास्तों को सुरक्षित कर लिया गया है। इस रास्ते से दुनिया भर का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल सप्लाई होता है, इसलिए इसका सीधा असर भारत और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ेगा।

खाड़ी में जहाज़ क्यों फँसे और अब क्या है तैयारी?

ईरान ने 2 मार्च 2026 को होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इस वजह से वहां से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाज़ फँस गए थे और दुनिया भर की सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी।

  • अमेरिका ने अपने मिलिट्री ऑपरेशन के जरिए ईरान के ड्रोन्स और हथियारों को नष्ट कर दिया है जो व्यापारिक जहाज़ों को निशाना बना रहे थे।
  • एक बड़े तेल टैंकर ने 7 मार्च की रात को सुरक्षित रूप से इस रास्ते को पार कर लिया है जो हालात सुधरने का संकेत है।
  • ऊर्जा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि पूरी तरह से फँसे हुए सभी जहाज़ों को सुरक्षित निकालने में कुछ हफ्तों का समय लग सकता है।
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को तैयार रहने को कहा है ताकि जरूरत पड़ने पर तेल के जहाज़ों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके।

कच्चे तेल की कीमत और आम लोगों पर असर

इस पूरे विवाद का सीधा असर दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ रहा है। सप्लाई रुकने से भारत, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे बड़े देशों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। दक्षिण कोरिया के सात बड़े जहाज़ वहां फँसे हुए थे, जिनमें उनके देश की एक हफ्ते की जरूरत का तेल था।

  • कच्चे तेल यानी Crude Oil की कीमत तीन साल में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है।
  • ब्रेंट क्रूड का भाव 101 डॉलर से 107 डॉलर के बीच पहुंच गया है।
  • जहाज़ों का किराया जो पहले 1 लाख डॉलर प्रतिदिन था, वह अब बढ़कर 4 से 7 लाख डॉलर प्रतिदिन हो गया है।
  • व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी सरकार ने 20 बिलियन डॉलर का एक खास मैरीटाइम इंश्योरेंस प्रोग्राम शुरू किया है।

जहाज़ों की आवाजाही फिर से शुरू होने से आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह एक बड़ी खबर है क्योंकि तेल के दाम सीधे तौर पर वहां की अर्थव्यवस्था और नौकरियों को प्रभावित करते हैं। फिलहाल हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.