अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने दुनिया भर में तेल की कीमतों को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में जारी तनाव और रुकावटों की वजह से आने वाले कुछ हफ्तों में तेल की कीमतें अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच सकती हैं। इस खबर से ग्लोबल मार्केट में खलबली मची हुई है और आम लोगों को महंगाई की चिंता सता रही है।

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Strait of Hormuz में क्या हो रहा है और अमेरिका ने क्या किया?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) शुरू कर दी थी। यह कदम शांति वार्ता विफल होने के बाद उठाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ किया कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों के लिए है, बाकी जहाजों को रास्ता दिया जाएगा। वहीं ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है और चेतावनी दी है कि इससे पूरा क्षेत्र असुरक्षित हो जाएगा।

तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा और अधिकारियों ने क्या कहा?

एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने Semafor World Economy Forum में बताया कि जब तक जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, कीमतें ऊंची रहेंगी। राष्ट्रपति Donald Trump ने भी माना कि नवंबर के बीच चुनाव तक तेल और पेट्रोल के दाम बढ़े रह सकते हैं। IEA, IMF और वर्ल्ड बैंक ने भी एक साझा बयान जारी कर कहा कि ईंधन और खाद की कीमतों में लंबे समय तक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

मौजूदा स्थिति और ताजा अपडेट्स क्या हैं?

  • तेल की कीमत: तनाव के कारण कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है।
  • जहाजों की स्थिति: कुछ टैंकरों ने Strait of Hormuz पार किया, लेकिन कई जहाज नाकेबंदी के डर से रास्ता बदल रहे हैं।
  • ईरान का रुख: ईरान ने अमेरिकी पाबंदियों को गैरकानूनी करार दिया है।
  • अमेरिकी दावा: राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि 12 अप्रैल को 34 जहाज इस रास्ते से गुजरे जो काफी अधिक संख्या है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.