सीरिया के मिलिट्री एयरबेस पर इसराइल के हवाई हमले, अमेरिकी दूत ने जताई गहरी चिंता और बताया गैर-जरूरी कदम

सीरिया के इडलिब प्रांत में स्थित अबू अल-धुहुर मिलिट्री एयरबेस पर इसराइल की ओर से किए गए हवाई हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 18 अगस्त 2026 को हुए इन हमलों में एयरबेस के रनवे और वहां की बुनियादी संरचना को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। दिसंबर 2024 में बशर अल-असद सरकार के पतन के बाद इस सैन्य ठिकाने पर हुआ यह अपनी तरह का पहला हमला है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और कूटनीतिक स्तर पर बयानबाजी शुरू हो गई है।
अमेरिकी दूत ने जताई गहरी चिंता
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद तुर्की में अमेरिका के राजदूत और इराक तथा सीरिया के लिए विशेष दूत टॉम बराक ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। अपने बयान में उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक अनावश्यक तनाव करार दिया, जो क्षेत्र की स्थिरता को बिगाड़ने का काम करता है। अमेरिकी दूत ने साफ तौर पर कहा कि सीरियाई नेता अहमद अल-शार्स का प्रशासन लगातार क्षेत्र में शांति और तनाव को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। सीरियाई सरकार की तरफ से किसी भी तरह की आक्रामक हरकत या किसी प्रॉक्सी का समर्थन नहीं किया जा रहा है, ऐसे में इस तरह के हमले शांति स्थापना के प्रयासों को कमजोर करते हैं। अमेरिका इस तरह के तनावों को दूर करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
सीरियाई विदेश मंत्रालय ने हमले की की कड़ी निंदा
दूसरी ओर, सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है और इसे सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। सीरियाई सरकार ने इसे एक अनुचित आक्रामकता करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचा है। हालांकि, इसराइल की तरफ से आधिकारिक तौर पर इन हमलों को लेकर अभी तक कोई भी बयान सामने नहीं आया है और न ही उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली है, लेकिन इस ठिकाने को लेकर लंबे समय से कयास और तनाव का माहौल रहा है। यह एयरबेस साल 2012 या 2013 से पूरी तरह बंद और निष्क्रिय पड़ा था, जिसे हाल ही में तुर्की की मदद से फिर से तैयार किया जा रहा था। इस जगह को सीरिया की नई सेना के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना थी और तुर्की का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने खुद 17 अगस्त 2026 को इस जगह का दौरा कर योजनाओं की रूपरेखा तैयार की थी।
तुर्की पहले भी दे चुका है चेतावनी
इस ताजा घटनाक्रम से कुछ दिन पहले ही तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने सीरियाई क्षेत्र में इस्राइल द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी। उन्होंने 6 अगस्त 2026 को दिए अपने बयान में कहा था कि सीरिया के भीतर लगातार हो रहे इस्रायली हवाई हमले क्षेत्रीय स्थिरता और सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इन तमाम घटनाओं से साफ है कि सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद भी वहां का ढांचा और सीमाई इलाके अभी भी कई बाहरी और अंदरूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं और कूटनीतिक स्तर पर नए समीकरण बन सकते हैं।