अमेरिका और भारत के बीच पश्चिम एशिया के हालातों को लेकर बातचीत तेज हो गई है. अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने साफ कहा है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद को खत्म करने में भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है. हालांकि, इस शांति प्रक्रिया में शामिल होना या न होना पूरी तरह से भारत का अपना फैसला होगा.

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अमेरिका और भारत के बीच क्या बातचीत हुई?

14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बात हुई. इस बातचीत में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों पर चर्चा की. दोनों देशों ने Strait of Hormuz को सुरक्षित और खुला रखने पर जोर दिया ताकि दुनिया भर का व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे.

ईरान और भारत के संबंध और शांति की कोशिशें

ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने भारत के प्रति अपना भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि भारत BRICS की अध्यक्षता के दौरान बातचीत और स्थिरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है. भारत ने पहले ही पाकिस्तान द्वारा कराए गए US-Iran ceasefire का स्वागत किया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने शांति के लिए बातचीत और कूटनीति को सबसे जरूरी बताया है.

शांति प्रयासों पर अमेरिका का क्या नजरिया है?

अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के मुताबिक, राष्ट्रपति Donald Trump इस बात को लेकर खुले हैं कि कोई भी देश शांति लाने में मदद करे. अमेरिका चाहता है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए दुनिया के ज्यादा से ज्यादा देश साथ आएं. इससे पहले 24 मार्च 2026 को भी यह जानकारी मिली थी कि अमेरिका भारत को इन तमाम घटनाक्रमों की अपडेट देता रहता है क्योंकि भारत रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है.