अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कोम (Qom) स्थित टर्बाइन इंजन प्रोडक्शन प्लांट को पूरी तरह तबाह करने की घोषणा की है। यह फैक्ट्री ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए ड्रोन और विमानों के इंजन बनाने का मुख्य केंद्र थी। अमेरिकी सेना ने हमले से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें जारी करके इस विनाश की पुष्टि की है। यह कार्रवाई ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच हुई है।

ईरान के इस प्लांट पर हमला क्यों किया गया?

अमेरिकी सेना के अनुसार, कोम स्थित यह प्लांट ईरान के हमलावर ड्रोन्स के लिए गैस टर्बाइन इंजन बनाता था। यहाँ तैयार किए गए पुर्जे और इंजन ईरान की सेना के खास दस्ते IRGC को सप्लाई किए जाते थे। हमले का उद्देश्य ईरान की ड्रोन बनाने की क्षमता को कम करना है ताकि भविष्य में होने वाले हवाई हमलों को रोका जा सके। सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि प्लांट को भारी नुकसान पहुँचा है।

मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात क्या हैं?

इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है। फ्रांस के प्रधानमंत्री इमैनुएल मैक्रों ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ इस बारे में विस्तार से बातचीत की है। फ्रांस ने सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणाली को और मजबूत करने का भरोसा दिया है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह संघर्ष पिछले चार हफ्तों से जारी है।

मुख्य जानकारी विवरण
टारगेट का नाम कोम टर्बाइन इंजन प्रोडक्शन प्लांट
हमले की तारीख 6 मार्च 2026
रिपोर्ट की तारीख 23 मार्च 2026
अधिकारी पुष्टि CENTCOM (US सेना)
प्रभाव ड्रोन इंजन उत्पादन पूरी तरह ठप