अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरान के तेल जहाज M/T Majestic X पर किया कब्जा, अंतरराष्ट्रीय नियमों का दिया हवाला

अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में एक बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने ईरान से तेल ले जा रहे M/T Majestic X नाम के जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई INDOPACOM इलाके में हुई, जिसके बाद समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है।

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अमेरिकी सेना ने M/T Majestic X को कैसे पकड़ा?

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, उन्होंने M/T Majestic X नाम के जहाज पर ‘राइट-ऑफ-विजिट’ नियम के तहत धावा बोला। यह जहाज बिना किसी मान्यता प्राप्त देश के झंडे (stateless) के चल रहा था और इसमें ईरान का कच्चा तेल लदा था। अमेरिकी सैनिकों ने हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज के डेक पर उतरकर इसे अपने कंट्रोल में लिया। यह जहाज चीन के झोउशान जा रहा था।

जहाज को पकड़ने के पीछे क्या कानूनी नियम थे?

अमेरिका ने इस कार्रवाई के लिए UNCLOS यानी समुद्री कानून का हवाला दिया। इस नियम के मुताबिक, अगर किसी जहाज की नागरिकता संदिग्ध हो या वह फर्जी झंडा इस्तेमाल कर रहा हो, तो उसे ‘स्टेटलेस’ माना जाता है और उसे बोर्ड किया जा सकता है। M/T Majestic X पर गयाना का झंडा था, लेकिन अमेरिका ने इसे मान्यता नहीं दी। अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पानी का इस्तेमाल प्रतिबंधों से बचने के लिए ढाल की तरह नहीं किया जा सकता।

खाड़ी क्षेत्र में तनाव और अन्य जहाजों का क्या हाल है?

इस तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर दिया है और इस पैसे को अपने सेंट्रल बैंक में जमा किया है। वहीं, ईरान ने Epaminondas और MSC जैसे जहाजों को पकड़ा था, जिनमें सवार 15 फिलीपीन के नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि उनकी नाकेबंदी की वजह से अब तक 33 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है।