अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि US फोर्सेज ने ईरान के ठिकानों पर लगातार 13वीं रात हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे से बाहर रखना है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में बंदर अब्बास शहर में दो लोग घायल हुए हैं।
हमले का मकसद और प्रभावित इलाके
अमेरिकी सेना ने बताया कि इस दौरान ईरान के कमांड सेंटर, ड्रोन स्टोरेज, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी साइटों को निशाना बनाया गया है। हमले के बाद अहवाज़, ओमिदियेह और केशम द्वीप पर भी धमाके सुने गए। अमेरिका का कहना है कि वे ईरान को लगातार मिलिट्री फैसिलिटीज के जरिए जवाब दे रहे हैं ताकि वे समुद्री रास्तों को सुरक्षित रख सकें।
बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
क्षेत्र में तनाव के बीच राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर सऊदी जहाजों पर हमले जारी रहे तो ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। वर्तमान में पूरे मिडिल ईस्ट में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। हालांकि अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई को रोकने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में भी स्थिति गंभीर बनी रह सकती है। अभी होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों का आवागमन अमेरिकी सुरक्षा के साए में जारी है।
