अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। US Central Command (CENTCOM) ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के अंदर Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाकर एक बड़ी स्ट्राइक पूरी की है। यह कार्रवाई मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बलों पर हुए हमलों का जवाब मानी जा रही है।

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हमले का दायरा और मकसद

यह सैन्य अभियान 29 जुलाई 2026 की रात करीब 8 बजे से शुरू किया गया था। हमले में ईरान के Hormozgan और Khuzestan प्रांतों के उन ठिकानों को टारगेट किया गया, जहां से मिसाइल और ड्रोन की गतिविधियां संचालित होती हैं। इन हमलों में ईरान के तेल रिफाइनिंग हब Abadan के आसपास के इलाके और Qeshm Island भी शामिल हैं। अमेरिकी सेना ने बताया कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान और उसके समर्थित गुटों से अमेरिकी बलों, कमर्शियल शिपिंग और खाड़ी देशों को होने वाले खतरों को कम करना है।

तनाव के बीच राष्ट्रपति का आदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन हमलों का आदेश दिया था। यह कार्रवाई ईरान द्वारा जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद की गई है। इसके अलावा, अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक के पूर्वी हिस्से में ईरान समर्थित मिलिशिया पर भी हवाई हमले किए। खबरों के मुताबिक, इन संयुक्त हमलों में 20 इराकी मिलिशिया लड़ाके और 6 ईरानी सलाहकार मारे गए हैं। क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए लोग अब बड़े युद्ध की आशंका से चिंतित हैं क्योंकि इस पांच महीने पुराने विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पा रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.