अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को पूरी तरह तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास हवा में नज़र रखने का कोई प्रभावी सिस्टम नहीं बचा है। यह जानकारी हाल ही में हुए सैन्य ऑपरेशन्स के बाद सामने आई है।

अमेरिका ने किन जगहों पर किए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 27 जून 2026 को पुष्टि की कि उनके विमानों ने ईरान के निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों और हवाई रक्षा केंद्रों को निशाना बनाया। अमेरिका ने ईरान के गोरुक और केशम द्वीप पर स्थित तटीय रडार साइटों पर भी हमले किए। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, ये हमले एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले और सीजफायर समझौते के उल्लंघन के जवाब में किए गए थे।

ईरान का पलटवार और प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और अप्रैल में हुए सीजफायर समझौते का अपमान बताया है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरान ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर अमेरिकी हमले नहीं रुके, तो युद्ध खत्म करने की बातचीत पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

खुफिया रिपोर्टों में अलग दावा

एक तरफ डोनाल्ड ट्रम्प बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों जैसे CIA और पेंटागन की रिपोर्ट कुछ और ही इशारा करती हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता का एक बड़ा हिस्सा बचाए रखा है।

  • ईरान के पास अभी भी अपने पुराने मिसाइल भंडार का लगभग 70% हिस्सा मौजूद है।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के किनारे मौजूद 33 में से 30 मिसाइल साइट्स फिर से चालू हो गई हैं।
  • ईरान के पास अभी भी हजारों मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने पूरी कॉम्प्लेक्स को तबाह करने के बजाय केवल उनके प्रवेश द्वारों को ब्लॉक किया है, क्योंकि उनके पास बंकर-बस्टर हथियारों की कमी थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.