Strait of Hormuz में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने शनिवार को ईरान के कई अटैक ड्रोन्स को मार गिराया है। ये ड्रोन वहां से गुजर रहे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हुआ जब दोनों देश शांति समझौते के बहुत करीब थे।

अमेरिका ने ड्रोन्स को किया ढेर

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि ईरान ने कई ‘वन-वे अटैक ड्रोन्स’ छोड़े थे। इन ड्रोन्स का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमला करना था। अमेरिकी सेना ने इन सभी ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया। CENTCOM ने साफ किया है कि इस घटना के बाद भी जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आई है और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्ता खुला हुआ है।

ईरान और अमेरिका के बीच खींचतान

इससे पहले 11 जून को ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी जहाजों के लिए बंद है। उनका कहना था कि बिना इजाजत गुजरने वाले जहाज निशाने पर रहेंगे। वहीं, 12 जून को ईरान के सरकारी टीवी (IRIB) ने दक्षिणी ईरान में एक धमाके की खबर दी थी। लेकिन अमेरिका का कहना है कि रास्ता पूरी तरह खुला है।

क्या शांति समझौता होगा?

इस हमले के कुछ ही घंटे पहले अमेरिका और ईरान ने संकेत दिए थे कि शांति समझौता करीब है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि समझौता पहले से कहीं ज्यादा करीब है और इससे लेबनान सहित युद्ध खत्म हो जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा कि समझौता इस वीकेंड या सोमवार तक हो सकता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी बताया कि शांति समझौते का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और अंतिम चरणों पर काम चल रहा है।