ओमान की खाड़ी में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। 25 जुलाई 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ईरान की ओर जा रहे M/T Lavine नाम के टैंकर पर फायरिंग की और उसे रोक दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यह जहाज अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन कर ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहा था। चेतावनी मिलने के बाद भी चालक दल ने जहाज नहीं रोका, जिसके बाद अमेरिकी बलों ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया।
प्रतिबंधों के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित
अमेरिकी प्रशासन ने 14 जुलाई 2026 से ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है, जिसका मकसद ईरानी तटों पर होने वाली शिपिंग गतिविधियों को रोकना है। इस कार्रवाई के बाद से 12 अन्य कमर्शियल जहाजों को भी रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया है। दूसरी ओर, ईरान ने फरवरी 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य को काफी हद तक बंद कर रखा है, जिससे इस क्षेत्र में माल की आवाजाही मुश्किल हो गई है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के चलते करीब 400 जहाजों पर लगभग 6,000 नाविक फंसे हुए हैं।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की चिंता
इस संघर्ष के बीच मध्य-पूर्व में अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और बाहर निकलने के विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी है। ओमान ने इस स्थिति को सुलझाने के लिए तेहरान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है ताकि शिपिंग मार्गों को फिर से खोला जा सके। वहीं, यमन में सऊदी अरब की ओर से हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर की गई बमबारी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 3,434 लोगों की मौत हो चुकी है।
