अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने शुक्रवार, 5 जून 2026 को एक बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेना ने हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की तरफ भेजे गए ईरान के 4 हमलावर ड्रोन को मार गिराया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच इस बड़ी सैन्य कार्रवाई ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इससे पहले इसी हफ्ते कुवैत के मुख्य एयरपोर्ट पर भी ड्रोन से हमला हुआ था, जिसके बाद से अमेरिकी सेना लगातार मुस्तैद है।

अमेरिकी सेना ने क्यों की यह बड़ी कार्रवाई?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, मार गिराए गए ईरानी ड्रोन समुद्री रास्ते पर चलने वाले जहाजों के लिए सीधा और बड़ा खतरा बन रहे थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी सेना ने इन ड्रोन को तुरंत नष्ट कर दिया। इसके जवाब में अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के तटीय इलाकों में बने कुछ राडार स्टेशनों को भी निशाना बनाया है ताकि उनकी निगरानी क्षमता को कमजोर किया जा सके।

अमेरिकी सेना ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है जिसमें कहा जा रहा था कि अमेरिकी जहाजों पर हमला किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर कोई हमला नहीं हुआ है और सेना इस समुद्री रास्ते पर पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।

कुवैत एयरपोर्ट हमला और समुद्री नाकेबंदी का असर

खाड़ी क्षेत्र में हालात बीते कुछ दिनों से काफी संवेदनशील बने हुए हैं। 3 जून 2026 को ही ईरान के ड्रोन हमले में कुवैत के हवाई अड्डे के पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। इस तनाव के बीच ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी लगातार जारी है।

  • 129 जहाजों का बदला रास्ता: इस नाकेबंदी के कारण अब तक कुल 129 कमर्शियल जहाजों को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं।
  • 6 जहाज किए गए जब्त: नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए 6 जहाजों को निष्क्रिय या जब्त किया गया है।
  • ईरान की चेतावनी: ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने चेतावनी दी है कि वे इस समुद्री नाकेबंदी को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेंगे।

हिंद महासागर में भी पकड़ा गया संदिग्ध जहाज

हॉरमुज जलडमरूमध्य में हुई कार्रवाई के साथ ही अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने हिंद महासागर में भी एक बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सुरक्षा बलों ने बिना किसी देश के झंडे वाले एक संदिग्ध और प्रतिबंधित जहाज एम/टी डैविना (M/T Davina) को रोककर उसकी तलाशी ली। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को किसी भी प्रकार की गुप्त मदद पहुंचाने वाले हर जहाज के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के कितने ड्रोन गिराए हैं?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 5 जून 2026 को हॉरमुज जलडमरूमध्य की ओर आ रहे ईरान के 4 हमलावर ड्रोन को मार गिराया है।

क्या इस कार्रवाई में किसी अमेरिकी जहाज को नुकसान पहुंचा है?

नहीं, अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि उनके किसी भी युद्धपोत पर कोई हमला नहीं हुआ है और सभी जहाज पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कुवैत एयरपोर्ट पर कब हमला हुआ था?

3 जून 2026 को ईरान के ड्रोन हमले में कुवैत के मुख्य हवाई अड्डे के पैसेंजर टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.