खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 7 जून 2026 को अमेरिकी सेना यानी CENTCOM ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के दो वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। कुवैत और बहरीन पर ईरान के हालिया हमलों के बाद अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई है।

अमेरिका ने ईरान के ड्रोन को क्यों मार गिराया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी दी है कि 7 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के दो वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सीधा खतरा पैदा कर रहे थे। CENTCOM ने साफ किया कि अमेरिकी सेना खाड़ी देशों की सुरक्षा और ईरान के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे पहले 5 जून को भी अमेरिकी सेना ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए थे और ईरान के तटीय रडार स्टेशनों पर हमले किए थे।

कुवैत और बहरीन पर ईरान के हमले का क्या हुआ?

रिपोर्ट के मुताबिक, 6 और 7 जून की रात को ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन हमलों को हवा में ही रोक दिया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि ईरान की 7 मिसाइलों में से 6 को रास्ते में ही रोक दिया गया, जबकि एक मिसाइल अपने निशाने तक नहीं पहुंच सकी। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे एक खतरनाक कदम बताया है। वहीं ईरान की सेना यानी IRGC ने इन दावों को खारिज करते हुए अमेरिका पर ही सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या कार्रवाई की?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने 7 जून 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बने ईरान के दो अटैक ड्रोन को मार गिराया।

क्या कुवैत और बहरीन पर भी हमला हुआ था?

हां, ईरान ने कुवैत और बहरीन की तरफ मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जिन्हें कुवैत के सुरक्षा बलों ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.