अमेरिकी वायु सेना के जनरल डैन केन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना ईरान की समुद्री खदान (mine-laying) बिछाने की क्षमता को लगातार अपना निशाना बना रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के पास अभी भी इतनी क्षमता है कि वह कॉमर्शियल जहाजों और अमेरिका के सहयोगी बलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

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अमेरिकी सेना की कार्रवाई और आंकड़े

पेंटागन की ब्रीफिंग के अनुसार, यूएस सेंट्रल कमांड ईरान में खदान बिछाने वाले जहाजों और खदान भंडारण सुविधाओं को खोजकर उन पर हमला कर रहा है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद से अमेरिकी सेना ने काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे जुड़े कुछ मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • ईरान में 5000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है।
  • पहले 10 दिनों में 50 से अधिक ईरानी नौसेना के जहाजों को नष्ट कर दिया गया है।
  • ईरान की तरफ से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आई है।
  • वन-वे ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

कॉमर्शियल जहाजों की सुरक्षा पर असर

खाड़ी देशों के बीच सफर करने वाले या समुद्री रास्तों से व्यापार करने वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। जनरल डैन केन के अनुसार, ईरान के पास अभी भी इतनी ताकत है कि वह व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। अमेरिकी सेना लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.