ईरान अपनी पाबंदियों से बचने के लिए डिजिटल करेंसी यानी क्रिप्टोकरेंसी का सहारा ले रहा था। अब अमेरिका ने इस पर सख्त एक्शन लिया है और ईरान के कई डिजिटल वॉलेट्स को फ्रीज कर दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग अब ईरान के हर उस रास्ते को बंद करने में जुटा है जिससे वह चोरी-छिपे पैसा कमा रहा है।

अमेरिका ने कैसे रोका ईरान का पैसा?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ‘Economic Fury’ नाम के एक अभियान के तहत ईरान से जुड़े कई डिजिटल वॉलेट्स पर पाबंदी लगाई। इस कार्रवाई में स्टेबलकॉइन कंपनी Tether ने मदद की, जिसने दो वॉलेट्स में रखे 344 मिलियन डॉलर के USDT को फ्रीज कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि blockchain analysis के जरिए यह पता चला कि ये वॉलेट्स ईरान के सेंट्रल बैंक और IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) से जुड़े थे।

विवरण जानकारी
जब्त रकम 344 मिलियन डॉलर (USDT)
एक्शन की तारीख 24 अप्रैल, 2026
अभियान का नाम Economic Fury
मुख्य संस्थाएं US Treasury, Tether, Central Bank of Iran
मददगार कंपनियां Chainalysis, TRM Labs
मुख्य निशाना IRGC और ईरान के डिजिटल वॉलेट

ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 29 अप्रैल को साफ किया कि वॉशिंगटन अब ईरान की क्रिप्टोकरेंसी तक पहुंच को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका अब शैडो बैंकिंग, क्रिप्टो एक्सेस और तेल नेटवर्क पर कड़ी नजर रख रहा है। बेसेंट के मुताबिक, इन कदमों से ईरान की कमाई पर बुरा असर पड़ा है और उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है। अमेरिका का मकसद ईरान की फंड जुटाने और उन्हें इधर-उधर भेजने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के कितने पैसे फ्रीज किए हैं?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान से जुड़े डिजिटल वॉलेट्स से 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज की है।

ईरान क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल क्यों कर रहा था?

ईरान अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों (sanctions) से बचने और अपने फंड को गुप्त तरीके से इधर-उधर भेजने के लिए डिजिटल करेंसी का उपयोग कर रहा था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.