अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। US Treasury ने ईरान से जुड़ी करीब 344 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई ‘Operation Economic Fury’ के तहत की गई है ताकि ईरान अपनी फंडिंग और पैसों के लेन-देन को रोक सके।

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अमेरिका ने यह एक्शन क्यों लिया और कैसे हुआ

US Treasury Secretary Scott Bessent ने अपने ‘X’ अकाउंट पर बताया कि वे ईरान की पैसों की सप्लाई को पूरी तरह रोकने के लिए काम करेंगे। Tether नाम की कंपनी ने अमेरिकी अधिकारियों की जानकारी मिलने के बाद Tron blockchain पर मौजूद दो एड्रेस से यह पैसा फ्रीज किया। अमेरिका अब डिजिटल एसेट और पारंपरिक दोनों तरीकों पर नजर रख रहा है ताकि ईरान देश के बाहर पैसा न भेज सके।

ईरान के क्रिप्टो नेटवर्क और अमेरिकी पाबंदियों का विवरण

यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल एसेट एक्शन माना जा रहा है। जांच में सामने आया कि इन वॉलेट्स का संबंध ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और हिजबुल्लाह से था। 2025 में ईरान का क्रिप्टो मार्केट करीब 7.8 बिलियन डॉलर का था, जिसमें से आधा हिस्सा IRGC से जुड़ा था। इसके अलावा अमेरिका ने चीन की एक रिफाइनरी और 40 शिपिंग कंपनियों पर भी पाबंदी लगाई है जो ईरान का तेल ले जा रही थीं।

विवरण जानकारी
फ्रीज की गई रकम 344 मिलियन डॉलर
तारीख 24 अप्रैल 2026
ऑपरेशन का नाम Economic Fury
संबंधित एजेंसी US Treasury (OFAC)
क्रिप्टो कंपनी Tether
ब्लॉकचेन Tron
टारगेट ग्रुप IRGC और हिजबुल्लाह
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.