अमेरिका और Gulf Cooperation Council (GCC) ने एक साथ मिलकर उन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है, जो इराक से ईरान समर्थित समूहों द्वारा किए जा रहे हैं। 25 जून 2026 को जारी एक साझा बयान में दोनों पक्षों ने GCC देशों के खिलाफ होने वाली इन हरकतों पर अपनी गहरी चिंता जताई है। यह कदम पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
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बहरीन में हुई अहम बैठक
यह साझा बयान बहरीन के Manama में हुई एक मंत्री स्तरीय बैठक के बाद आया है। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio और बहरीन के विदेश मंत्री Dr. Abdullatif bin Rashid Al Zayani ने संयुक्त रूप से की थी। बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि ईरान से जुड़े समूह इराक की जमीन का इस्तेमाल करके GCC देशों को निशाना बना रहे हैं।
ड्रोन हमलों और बुनियादी ढांचे पर खतरा
संयुक्त बयान में खास तौर पर उन ड्रोन हमलों का जिक्र किया गया, जिनसे GCC देशों की नागरिक सुविधाओं और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा है। इन हमलों की वजह से ऊर्जा सुरक्षा (energy security) पर भी खतरा बढ़ा है, जिसे लेकर अमेरिका और खाड़ी देश काफी चिंतित हैं।
इराक सरकार से उम्मीदें और कुवैत की संप्रभुता
अमेरिका और GCC देशों ने इराक की नई सरकार के प्रयासों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इराक को यह सुनिश्चित करना होगा कि हथियारों पर केवल राज्य का नियंत्रण रहे और कोई भी गैर-सरकारी सशस्त्र समूह इराक की जमीन का उपयोग पड़ोसी देशों को धमकाने के लिए न करे। साथ ही, इराक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी सीमा के भीतर सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
इस बयान में Kuwait की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का भी सम्मान किया गया। अंतरराष्ट्रीय कानून और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 833 का हवाला देते हुए इराक सरकार से अपील की गई कि वह कुवैत के क्षेत्रीय जल से संबंधित अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करे।
US-ईरान डील और सुरक्षा का भरोसा
बैठक में 17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते (MoU) पर भी चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने अपने खाड़ी सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाला यह समझौता किसी भी Gulf पार्टनर की सुरक्षा, स्थिरता या समृद्धि को नुकसान नहीं पहुँचाएगा।
वहीं, GCC महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ भविष्य में होने वाले किसी भी समझौते में GCC सदस्य देशों के हितों और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
