अमेरिका और खाड़ी देशों (GCC) ने मिलकर कुवैत की संप्रभुता और उसकी सीमाओं की सुरक्षा का समर्थन किया है। मनामे में हुई एक अहम बैठक के बाद यह साझा बयान जारी किया गया। इसमें कुवैत की ज़मीन और उसके समुद्री इलाकों की अखंडता बनाए रखने पर ज़ोर दिया गया।

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यह बैठक 25 जून 2026 को मनामे में हुई, जिसकी अध्यक्षता अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio और बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. अब्दुल लतीफ बिन राशिद अल ज़ायानी ने की। इस बैठक में GCC देशों के विदेश मंत्री और महासचिव जासेम अलबुदैवी भी शामिल थे। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान किया जाएगा।

नेताओं ने साफ किया कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 833 के मुताबिक है। साथ ही, कुवैत के समुद्री इलाकों पर उसके हक को माना गया और इराक सरकार से अपनी अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय जिम्मेदारियों को निभाने की अपील की गई। अमेरिका ने यह भी कहा कि इराक में मौजूद सभी डिप्लोमैटिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इराक सरकार की ज़िम्मेदारी है ताकि उन्हें किसी भी हमले से बचाया जा सके।

यह पूरा घटनाक्रम जून की शुरुआत में ईरान द्वारा कुवैत पर किए गए हमलों के बाद आया है। 1, 6 और 11 जून 2026 को हुए इन हमलों की कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी निंदा की थी और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। सऊदी अरब ने भी इन हमलों की निंदा की थी क्योंकि इससे पड़ोसी अरब देशों की सुरक्षा को खतरा हुआ।

इसी बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने 24 जून को कुवैत सिटी का दौरा किया और वहां के अमीर मिशाल अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। Rubio ने भरोसा दिलाया कि ईरान के साथ किसी भी बातचीत या फैसले में अमेरिका अपने खाड़ी पार्टनर्स के साथ पूरी तरह खड़ा रहेगा और हर फैसले में उन्हें शामिल करेगा।

Aanya

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