अमेरिका और जर्मनी के रिश्तों में अचानक बड़ी कड़वाहट आ गई है। राष्ट्रपति Donald Trump और जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz के बीच ईरान युद्ध को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। इस विवाद के बाद ट्रंप ने ऐलान किया है कि वे जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

अमेरिका और जर्मनी के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने ईरान युद्ध की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के सामने अमेरिका की रणनीति नाकाम रही है और ईरान अमेरिका को अपमानित कर रहा है। इसके अलावा मर्ज़ ने यह भी कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर हमले से पहले यूरोपीय देशों से सलाह नहीं ली गई थी।

इस पर पलटवार करते हुए राष्ट्रपति Donald Trump ने मर्ज़ की जमकर आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि मर्ज़ को नहीं पता कि वे क्या बोल रहे हैं और उन्हें दूसरों के मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश की समस्याओं और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि मर्ज़ चाहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार हों।

जर्मनी से अमेरिकी सेना हटाने का क्या प्लान है?

इस विवाद के बाद अमेरिकी सेना की तैनाती को लेकर बड़े बदलाव की बात सामने आई है। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • शुरुआती घोषणा: Pentagon ने पहले बताया था कि अगले 6 से 12 महीनों में जर्मनी से लगभग 5,000 सैनिकों को हटाया जाएगा।
  • ट्रंप का फैसला: राष्ट्रपति Trump ने संकेत दिया है कि वे सैनिकों की संख्या 5,000 से कहीं ज़्यादा कम करेंगे।
  • प्रतिक्रिया: अमेरिकी रिपब्लिकन नेता Senator Roger Wicker और Representative Mike Rogers ने सैनिकों की संख्या कम करने पर गहरी चिंता जताई है।
  • जर्मनी का पक्ष: जर्मन रक्षा मंत्री Boris Pistorius ने कहा कि सैनिकों की कमी का अंदाज़ा पहले से था और अब यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी खुद लेनी होगी।

ईरान का शांति प्रस्ताव और ताज़ा हालात क्या हैं?

एक तरफ अमेरिका और जर्मनी लड़ रहे हैं, वहीं ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका को 14 पॉइंट का एक शांति प्रस्ताव भेजा है। ईरान चाहता है कि युद्ध को अगले 30 दिनों के भीतर खत्म किया जाए। इस प्रस्ताव में अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाने, जमी हुई संपत्ति वापस करने और अमेरिकी सेना को आसपास के इलाकों से हटाने की मांग की गई है।

वहीं 3 मई 2026 को जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की। उन्होंने मांग की कि ईरान Strait of Hormuz को दोबारा खोले और अपने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करे। दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ़ कह दिया है कि अमेरिका के पास या तो एक नामुमकिन सैन्य ऑपरेशन का रास्ता है या फिर ईरान के साथ एक समझौता करने का विकल्प है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जर्मनी से कितने अमेरिकी सैनिक हटाए जा सकते हैं?

Pentagon ने शुरुआत में 5,000 सैनिकों को हटाने की बात कही थी, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि यह संख्या 5,000 से काफी ज़्यादा होगी।

ईरान ने शांति के लिए अमेरिका को क्या प्रस्ताव दिया है?

ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से 14 पॉइंट का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें प्रतिबंध हटाने, संपत्ति वापस करने और 30 दिनों के भीतर युद्ध समाप्त करने की बात कही गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com