अमेरिका की सरकार ने एक बड़ा खुलासा किया है। एलन मस्क की कंपनी xAI द्वारा बनाए गए Grok AI का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में किया गया। यह बात अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की 15 जून 2026 की एक कानूनी रिपोर्ट से सामने आई है।

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पेंटागन के AI चीफ कैमरून स्टेनली ने शपथ लेकर गवाही दी कि Grok AI का इस्तेमाल Project Maven के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि ‘Operation Epic Fury’ के दौरान इस सिस्टम की मदद से अमेरिकी सेना ने सिर्फ 96 घंटे के अंदर 2000 अलग-अलग ठिकानों पर 2000 मिसाइलें दागीं। स्टेनली ने मस्क की तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि इससे सैन्य काम करने की रफ़्तार बहुत बढ़ गई है।

इस पूरे मामले में कुछ अहम बातें सामने आई हैं:

  • अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 13 जनवरी 2026 को Grok को पेंटागन के नेटवर्क से जोड़ने का ऐलान किया था।
  • इससे पहले पेंटागन Anthropic कंपनी के साथ काम कर रहा था, लेकिन फरवरी 2026 में यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया क्योंकि वह कंपनी ऑटोमेटेड हमलों के लिए अपने टूल देने को तैयार नहीं थी।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, Grok AI ने ही 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बड़े हमले की भविष्यवाणी की थी, जिसके बाद अमेरिका और इसराइल ने तेहरान पर हमले किए।

इस तकनीक के इस्तेमाल पर अब सवाल भी उठ रहे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और कई मानवाधिकार संस्थाओं ने चिंता जताई है कि युद्ध में AI का इस्तेमाल करना खतरनाक है और इससे मासूम लोगों की जान जा सकती है। एक रिपोर्ट में यह बात भी कही गई कि AI द्वारा तय किए गए निशाने की वजह से मिनाब के एक गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम 175 लोगों की मौत हुई।

दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच 14 जून 2026 को युद्धविराम (ceasefire) का समझौता हुआ। अब 19 जून 2026 को जेनेवा में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।