अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत ने मिलकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। इन सभी देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में एक नया प्रस्ताव पेश किया है ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे। यह पूरा मामला ईरान की हरकतों और हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद सामने आया है।

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UN के इस नए प्रस्ताव में ईरान से क्या मांग की गई है?

संयुक्त राष्ट्र में पेश किए गए इस ड्राफ्ट में ईरान के सामने कुछ सख्त शर्तें रखी गई हैं। इस प्रस्ताव का मुख्य मकसद समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसमें मुख्य रूप से ये मांगें शामिल हैं:

  • व्यापारिक जहाजों पर हमला बंद करना: ईरान को कमर्शियल शिपिंग पर होने वाले सभी हमलों और धमकियों को तुरंत रोकना होगा।
  • अवैध फीस पर रोक: जहाजों से किसी भी तरह का अनधिकृत टोल या फीस वसूलना बंद करना होगा।
  • समुद्री सुरंगों (Sea Mines) का मुद्दा: समुद्र में सुरंगें बिछाने का काम तुरंत रोकना होगा और अब तक जितनी सुरंगें बिछाई गई हैं, उनकी सही जगह और संख्या बतानी होगी।
  • मानवीय गलियारा: मदद और जरूरी सामान की सप्लाई के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर एक ह्यूमैनिटेरियन मैरीटाइम कॉरिडोर बनाना होगा।

हालिया झड़पें और भविष्य में होने वाले एक्शन

यह कदम 4 मई 2026 को हुई हिंसक झड़पों के बाद उठाया गया है। अमेरिका ने बताया कि उसने ईरान की 6 छोटी नावों को तबाह कर दिया, जबकि ईरानी मिसाइलों ने यूएई के एक ऑयल पोर्ट पर हमला किया। अमेरिका ने फंसे हुए टैंकरों को निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था, जिसके दौरान अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया।

यह प्रस्ताव UN चार्टर के चैप्टर VII के तहत लाया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर ईरान 30 दिनों के भीतर इन शर्तों को नहीं मानता है, तो संयुक्त राष्ट्र के महासचिव इसकी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद सुरक्षा परिषद ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगा सकती है या सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकती है। इससे पहले भी एक ऐसा प्रयास किया गया था, लेकिन रूस और चीन के विरोध की वजह से वह सफल नहीं हो पाया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लिए UN में प्रस्ताव किसने पेश किया?

यह प्रस्ताव अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत ने मिलकर पेश किया है, जिसमें बहरीन अमेरिका के साथ सह-प्रायोजक की भूमिका में है।

अगर ईरान इन शर्तों को नहीं मानता है तो क्या होगा?

UN महासचिव 30 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद सुरक्षा परिषद आर्थिक प्रतिबंध या अन्य सख्त कदम उठा सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.