अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन General Dan Caine ने चेतावनी दी कि रक्षात्मक हथियारों और मिसाइलों की भारी कमी के कारण अमेरिकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इस बैठक में उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी भंडार खत्म होने पर चिंता जताई।

हथियारों की किल्लत और सैन्य तैयारी

पेंटागन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंत तक अमेरिकी सेना ने करीब 1,200 पेट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया था। अधिकारियों का कहना है कि इन मिसाइलों के भंडार में आई कमी का असर Indo-Pacific जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सैन्य तैयारी पर पड़ सकता है। हालांकि, डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने पहले मिसाइल की कमी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से हमलों को रोकना जरूरी हो गया है।

राजनयिक कोशिशें और ईरान का रुख

हमले रुकने के बाद ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है ताकि Strait of Hormuz को दोबारा खोलने पर चर्चा की जा सके। ईरानी सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका फिर से हमला करता है तो मध्य पूर्व में संघर्ष और बढ़ेगा। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया जा रहा है और अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई को विराम दे दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.