अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने फिलहाल ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले की योजना को रोक दिया है। यह फैसला US Joint Chiefs of Staff के चेयरमैन General Dan Caine की गुप्त सलाह के बाद लिया गया है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अगर अभी ईरान पर बड़ा हमला किया जाता है तो अमेरिका के पास मौजूद एयर डिफेंस मिसाइलों का भंडार बहुत जल्दी खत्म हो सकता है।
रक्षा प्रणाली की कमी बनी बड़ी चिंता
अमेरिकी सेना को डर है कि मिसाइलें खत्म होने से खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैनिकों और उनके सहयोगियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। Jordan में पिछले 17 जुलाई को हुए एक हमले में दुश्मन की मिसाइल अमेरिकी सुरक्षा घेरे को भेदकर अंदर आ गई थी, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से सेना के अधिकारी मिसाइल स्टॉक को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं।
तनाव में आई थोड़ी कमी
जुलाई 2026 में लगातार 13 रातों तक अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था। हालांकि, अब इन हमलों की गति धीमी हुई है। White House के कम्युनिकेशन डायरेक्टर Steven Cheung का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन अगर ईरान अपनी आतंकी गतिविधियों को नहीं रोकता है तो सैन्य कार्रवाई के सभी विकल्प अब भी खुले हुए हैं। फिलहाल यह क्षेत्र में दो हफ्ते बाद सीधे टकराव में आई पहली कमी है।
