अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। सदन ने बुधवार, 3 जून 2026 को एक युद्ध शक्ति प्रस्ताव पास किया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने के राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकारों को सीमित करना है। इस वोटिंग के दौरान रिपब्लिकन पार्टी के ही चार सांसदों ने अपनी पार्टी लाइन से अलग जाकर डेमोक्रेट्स का साथ दिया और ट्रंप के विरोध में वोट किया।

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संसद में कैसे पास हुआ प्रस्ताव और इसके पीछे की वजह क्या है?

संसद में इस प्रस्ताव के पक्ष में 215 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 208 वोट आए। रिपब्लिकन पार्टी के चार सांसदों थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, वॉरेन डेविडसन और टॉम बैरेट ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर मतदान किया। अमेरिकी संविधान के अनुसार, केवल संसद के पास ही युद्ध की घोषणा करने का अधिकार है। 1973 के वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए 60 दिनों के भीतर संसद की मंजूरी लेनी होती है। अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के साथ संघर्ष शुरू किया था, जिसकी 60 दिनों की समयसीमा 1 मई 2026 को ही समाप्त हो चुकी थी।

क्या इस प्रस्ताव से ईरान के साथ चल रहा युद्ध तुरंत रुक जाएगा?

यह प्रस्ताव पास होना एक बड़ा राजनीतिक कदम जरूर है, लेकिन इसे अभी केवल एक प्रतीकात्मक जीत माना जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट से भी पास हो जाता है, तो भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर वीटो लगा सकते हैं। राष्ट्रपति के वीटो को रद्द करने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो कि वर्तमान स्थिति में बहुत मुश्किल है। व्हाइट हाउस ने इस युद्ध शक्ति अधिनियम की संवैधानिकता पर पहले ही सवाल उठाए हैं और कहा है कि एक अस्थायी संघर्षविराम की वजह से यह नियम इस मामले पर लागू नहीं होता है।

खाड़ी देशों में तनाव और ट्रंप का इस पर क्या रुख है?

इस फैसले के बीच जमीनी स्तर पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। बुधवार, 3 जून को कुवैत पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने 4 जून को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई है, लेकिन संचार के रास्ते खुले हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिश्रित बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छे से आगे बढ़ रही है और इस वीकेंड तक कोई समझौता हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी संसद ने ट्रंप के खिलाफ क्या कदम उठाया है?

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 3 जून 2026 को 215-208 के बहुमत से एक युद्ध शक्ति प्रस्ताव पास किया है, ताकि ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य कार्रवाई करने की शक्ति को सीमित किया जा सके।

क्या यह प्रस्ताव तुरंत कानून बन जाएगा?

नहीं, यह प्रस्ताव अभी पूरी तरह कानून नहीं बनेगा। इसके लिए इसे सीनेट से पास होना होगा और यदि ट्रंप इस पर वीटो करते हैं, तो संसद को इसे दो-तिहाई बहुमत से दोबारा पास करना होगा।

ईरान के साथ युद्ध की शुरुआत कब हुई थी?

अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान के साथ इस सैन्य संघर्ष की शुरुआत की थी, जिसके बाद अप्रैल में एक अस्थायी युद्धविराम भी हुआ था।