अमेरिका की संसद यानी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इसराइली सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव पास किया है। 3 जून 2026 को हुए इस मतदान में डेमोक्रेट्स के इस प्रस्ताव को 215-208 मतों से मंजूरी मिली। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य बिना अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाना है। हैरान करने वाली बात यह रही कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ही पार्टी के चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट डाला है।
इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रस्ताव के जरिए अमेरिकी संसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिना मंजूरी वाली सैन्य कार्रवाइयों पर लगाम लगाना चाहती है। नियमों के मुताबिक, युद्ध शक्तियों के कानून (War Powers Act) के तहत व्हाइट हाउस को सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद कांग्रेस से मंजूरी लेने के लिए 60 दिनों का समय मिलता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में घोषित युद्धविराम के कारण सैन्य गतिविधियां रुक गई हैं, इसलिए यह समय सीमा उन पर लागू नहीं होती है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का मानना है कि राजनयिक बातचीत ही इस तनाव को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है।
किन सांसदों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर वोट किया?
इस प्रस्ताव को पास कराने में चार रिपब्लिकन सांसदों की भूमिका अहम रही। थॉमस मैसी (Thomas Massie), टॉम बैरेट (Tom Barrett), वॉरेन डेविडसन (Warren Davidson) और ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक (Brian Fitzpatrick) ने अपनी ही पार्टी के रुख के खिलाफ जाकर इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया। थॉमस मैसी ने कहा कि जब वे अपने क्षेत्र के लोगों से मिले, तो उन्हें लगा कि इस युद्ध को रोकने के लिए सही कदम उठाना जरूरी है। हालांकि, रिपब्लिकन सीनेटर मार्को रुबियो ने चिंता जताई है कि इस फैसले से ईरान के वार्ताकारों को लगेगा कि अमेरिकी प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं, जिससे बातचीत में रुकावट आ सकती है।
क्या यह प्रस्ताव अब पूरी तरह कानून बन जाएगा?
यह प्रस्ताव अब अमेरिकी सीनेट में जाएगा, जहां इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। हालांकि, इस प्रस्ताव के पूरी तरह से कानून बनने की राह में कई मुश्किलें हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो यानी खारिज कर सकते हैं। राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जो कि एक बेहद मुश्किल काम है। प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने पहले इस प्रस्ताव को रोकने की कोशिश की थी और वोटिंग से ठीक दो हफ्ते पहले सदन की कार्यवाही को अचानक बंद भी कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं?
हां, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अस्थायी युद्धविराम को बढ़ाने और तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू करने के लिए सप्ताहांत तक कोई सहमति बन सकती है।
क्या संसद ने इसके साथ कोई और भी प्रस्ताव पास किया है?
हां, संसद ने इसी दिन यूक्रेन को सहायता देने वाले एक बिल को भी आगे बढ़ाया है। इसके अलावा लेबनान में इसराइल के युद्ध को लेकर एक अन्य युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव पर भी इस सप्ताह विचार किया जा सकता है।
