US House Vote: राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान पर जंग रोकने की कोशिश नाकाम, अमेरिकी संसद ने गिराया प्रस्ताव
अमेरिका की संसद (House of Representatives) में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर युद्ध छेड़ने की ताकत को कम करने की कोशिश नाकाम हो गई है। 16 अप्रैल 2026 को इस प्रस्ताव पर वोटिंग हुई, जिसमें यह बहुत कम अंतर से गिर गया। अब राष्ट्रपति ट्रंप के पास ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने की शक्ति बनी रहेगी।
वोटिंग में क्या हुआ और किसने क्या कहा?
इस प्रस्ताव को डेमोक्रेटिक सदस्य Gregory Meeks ने पेश किया था, लेकिन यह 213 के मुकाबले 214 वोटों से हार गया। रिपब्लिकन सदस्य Brian Mast ने इस कोशिश को पाखंड बताया। वहीं, डेमोक्रेट सदस्य Jared Golden ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे बातचीत कमजोर होगी। रिपब्लिकन सदस्य Thomas Massie अकेले ऐसे रिपब्लिकन थे जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। सदस्य Robin Kelly ने चिंता जताई कि इस युद्ध का खर्च 40 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है और इसका कोई साफ रास्ता नहीं दिख रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की मौजूदा स्थिति क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच यह जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। पाकिस्तान की मदद से 8 अप्रैल को एक छोटा ceasefire (युद्धविराम) शुरू हुआ था, जो 22 अप्रैल तक चलेगा। इस बीच अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों का इस्तेमाल करने वाले जहाजों पर पाबंदी लगा दी है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| सीजफायर की अवधि | 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 |
| अनुमानित खर्च | 40 बिलियन डॉलर |
| अमेरिकी सैनिकों की मौत | कम से कम 13 |
आगे क्या हो सकता है और ट्रंप का क्या कहना है?
रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अमेरिकी सेना ईरान के जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले धमकी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) नहीं खोला, तो वे पूरी सभ्यता को मिटा देंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है। हाल ही में उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में पाकिस्तान में हुई शांति बातचीत भी फेल हो गई है, लेकिन पर्दे के पीछे बातचीत अब भी जारी है।