अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक जंग को और तेज कर दिया है। US ट्रेजरी विभाग ने ईरान के कई करेंसी एक्सचेंज ऑफिसों, कुछ खास लोगों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन पर आरोप है कि ये लोग और कंपनियां ईरान सरकार के लिए अवैध तरीके से पैसा जुटाने और उसे एक जगह से दूसरी जगह भेजने में मदद कर रहे थे।

अमेरिका ने किन लोगों और कंपनियों को निशाने पर लिया है?

US ट्रेजरी के Office of Foreign Assets Control (OFAC) ने 19 मई 2026 को ये कदम उठाए। इसमें मुख्य रूप से Amin Exchange (जिसे Ebrahimi and Associates Partnership Company भी कहा जाता है) को टारगेट किया गया है। इसके अलावा UAE, तुर्की और हांगकांग में चलने वाली कई ऐसी कंपनियों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है जो ईरान के बैंकों के लिए काम करती थीं।

  • परिवार: Ebrahimi परिवार के कई सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • जहाज: कुल 19 जहाजों को ब्लॉक किया गया है, जिनमें BRIGHT GOLD, FEADSHIP, LUNA LUSTER और MIDAS जैसे नाम शामिल हैं।
  • काम: ये जहाज ईरान के पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल्स को दूसरे देशों में भेजने का काम करते थे।

इन प्रतिबंधों का मकसद क्या है और क्या होगा असर?

इस पूरी कार्रवाई को “Economic Fury” अभियान का हिस्सा बताया गया है। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि ईरान का शैडो बैंकिंग सिस्टम आतंकवाद के लिए फंड ट्रांसफर करने का काम करता है और अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म कर देगा। अब इन प्रतिबंधित लोगों और कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी गई है।

अगर कोई विदेशी कंपनी इन नेटवर्क की मदद करती है, तो उन पर भी सेकेंडरी सेंक्शन्स लग सकते हैं। साथ ही, अमेरिका के Rewards for Justice (RFJ) प्रोग्राम ने IRGC के वित्तीय तंत्र की जानकारी देने वाले को 15 मिलियन डॉलर तक के इनाम का ऐलान किया है।

विवरण जानकारी
प्रतिबंध लगाने वाली संस्था US ट्रेजरी (OFAC)
मुख्य टारगेट कंपनी Amin Exchange
ब्लॉक किए गए जहाज 19 जहाज
प्रभावित क्षेत्र UAE, तुर्की, हांगकांग
इनाम की राशि 15 मिलियन डॉलर
अभियान का नाम Economic Fury
कानूनी आधार Executive Order 13902

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ये नए प्रतिबंध क्यों लगाए?

ये प्रतिबंध ईरान के शैडो बैंकिंग सिस्टम और शैडो फ्लीट को खत्म करने के लिए लगाए गए हैं ताकि ईरान सरकार आतंकवाद और अन्य अवैध कामों के लिए पैसा न जुटा सके।

क्या इन प्रतिबंधों का असर अन्य देशों की कंपनियों पर भी पड़ेगा?

हाँ, UAE, तुर्की और हांगकांग जैसी जगहों पर चलने वाली वे कंपनियां जो इन प्रतिबंधित ईरानी नेटवर्क की मदद करेंगी, उन पर अमेरिका सेकेंडरी सेंक्शन्स लगा सकता है।