Iran पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई, वित्तीय नेटवर्क तोड़ने के लिए लगाए नए प्रतिबंध

Sushma Kumari7 August 20262 min read60 viewsWorld
Iran पर अमेरिका की सख्त कार्रवाई, वित्तीय नेटवर्क तोड़ने के लिए लगाए नए प्रतिबंध

अमेरिकी सरकार ने ईरान के खिलाफ अपनी वित्तीय घेराबंदी और कड़ी कर दी है। शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने उन कंपनियों, मनी एक्सचेंज हाउस और वित्तीय बिचौलियों पर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया है, जो ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली के जरिए पैसा इधर-उधर करने में मदद कर रहे थे। इन कदमों का मुख्य मकसद ईरान को तेल से होने वाली कमाई तक पहुँचने से रोकना है ताकि वे मौजूदा प्रतिबंधों को दरकिनार न कर सकें।

प्रतिबंधों के पीछे की बड़ी वजह

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने स्पष्ट किया है कि ईरान के तेल रिफाइनरी सौदे ही उनके शासन की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत हैं, जिसका इस्तेमाल वे आतंक के प्रायोजन के लिए करते हैं। State Department के प्रवक्ता Tommy Pigott ने कहा कि इन नए प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के शासक वर्ग की उस वित्तीय कड़ी को काटना है, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित गतिविधियों को जारी रखने में मदद करती है। इस पूरी कार्रवाई को अमेरिका के Office of Foreign Assets Control (OFAC) द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। आप इस सरकारी जानकारी को Treasury.gov की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

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जुलाई महीने से ही जारी है दबाव

ईरान के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है, बल्कि जुलाई 2026 से ही अमेरिका ने दबाव बढ़ा रखा है। इसके मुख्य घटनाक्रम नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:

तारीखघटना
7 जुलाई 2026General License X को रद्द कर General License X1 लागू किया गया, ताकि तेल व्यापार को धीरे-धीरे पूरी तरह बंद किया जा सके।
10 जुलाई 2026दुबई स्थित बैंकर Ali Ansari पर प्रतिबंध लगाया गया, जिन पर सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei का नेटवर्क चलाने का आरोप है।
30 जुलाई 2026चीन, भारत, रूस और ईरान की 6 कंपनियों और लोगों को प्रतिबंधित किया गया जो महान एयर (Mahan Air) के लिए काम कर रहे थे।

इन प्रतिबंधों का साफ असर यह है कि ईरान के लिए अब अंतरराष्ट्रीय वित्त बाजार में अपनी विदेशी मुद्रा हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया है। अमेरिका का यह कदम न केवल ईरान के अवैध वित्तीय लेन-देन को रोकने का प्रयास है, बल्कि यह उन सभी देशों और संस्थाओं के लिए भी एक चेतावनी है जो अभी भी इन प्रतिबंधों को तोड़ने में मदद कर रहे हैं। आने वाले समय में ईरान की अर्थव्यवस्था पर इन कड़े फैसलों का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

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