अमेरिका ने 30 जुलाई 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का समर्थन करने वाले एक वैश्विक नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसमें भारत, चीन, रूस और ईरान के 6 व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Biscent के अनुसार, यह कदम IRGC को वित्तीय मदद रोकने और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को कम करने के लिए उठाया गया है। भारत की Skizz Travels का नाम भी उन कंपनियों में शामिल है जिन पर महान एयर के लिए काम करने का आरोप है।
सैन्य कार्रवाई और तनाव का माहौल
यह प्रतिबंध ऐसे समय में आए हैं जब मध्य पूर्व में सैन्य तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान के अंदर IRGC के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन सेंटर्स पर हमले किए हैं। यह जवाबी कार्रवाई 29 जुलाई 2026 को अमेरिकी बलों पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद की गई। पड़ोसी देश जॉर्डन ने भी बीते 24 घंटों में ईरान की ओर से आए 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।
तेल और समुद्री व्यापार पर भी असर
अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़े 10 संस्थाओं और 8 तेल टैंकरों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। ईरान पर आरोप है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए अवैध तरीके से वित्तीय लाभ कमा रहा है। इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है और अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सीनेट ने फिलहाल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाले बिल को खारिज कर दिया है, जिससे आने वाले समय में स्थिति पर सबकी नज़र बनी हुई है।
